आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों को विशेष रूप से साफ-सुथरा रखेंः-सीडीओ
अति कुपोषित बच्चों को चिकित्सों की देखरेख में तत्काल एनआरसी पर भर्ती कराने के निर्देश

जन एक्सप्रेस/हरदोई: जिला पोषण समिति के अंतर्गत जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं और कुपोषित बच्चों से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सान्या छाबड़ा ने की।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की साफ-सफाई, कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार और पोषाहार वितरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर व्यवस्थाएं बेहतर रखी जाएं और बच्चों तथा महिलाओं को योजनाओं का पूरा लाभ मिले।
शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष जोर
सीडीओ सान्या छाबड़ा ने सभी सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारियों) को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों को विशेष रूप से साफ-सुथरा रखा जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कार्यों की लगातार समीक्षा की जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी केंद्र पर लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अति कुपोषित बच्चों को तुरंत एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश
बैठक में कुपोषण की स्थिति की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ ब्लॉकों में लक्ष्य के अनुसार अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी (न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर) में भर्ती नहीं कराया गया है। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताई।
उन्होंने कोथावा, कछौना, हरपालपुर, टड़ियावा और भरखनी ब्लॉकों की सीडीपीओ को निर्देश देते हुए कहा कि अति कुपोषित बच्चों को तुरंत चिकित्सकों की देखरेख में एनआरसी में भर्ती कराया जाए और उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए।
अधिक से अधिक बच्चों को ग्रीन श्रेणी में लाने पर जोर
सीडीओ ने कहा कि कुपोषित बच्चों को पोषण और चिकित्सा सुविधाएं देकर जल्द से जल्द ग्रीन श्रेणी (सामान्य पोषण स्तर) में लाने के प्रयास किए जाएं। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की जरूरत है।
समय पर पोषाहार वितरण के निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी पात्र महिलाओं और बच्चों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पोषाहार का वितरण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी पात्र लाभार्थी को योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न ब्लॉकों के सीडीपीओ सहित अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।






