उत्तर प्रदेशलखीमपुर खीरी
फर्जी रसीदों से नगर पालिका में लाखों का गबन दो साल से नहीं हुई कोई कार्रवाई

जन एक्सप्रेस लखीमपुर खीरी।नगर पालिका परिषद में फर्जी रसीदों के माध्यम से लाखों रुपए के गबन का मामला सामने आया है।दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद,अधिशाषी अधिकारी द्वारा दोषी कर्मचारियों के खिलाफ न तो कोई विभागीय कार्रवाई की गई है और न ही एफआईआर दर्ज कराई गई है।पूर्व वार्ड सदस्य अंशुमान माथुर ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है।उन्होंने बताया कि 3 नवंबर को सोशल मीडिया पर भ्रष्टाचार रोकने की अपील का वीडियो जारी करने के बाद, उन्हें 5 नवंबर को एक डाक मिली जिसमें फर्जी रसीदों के माध्यम से गबन की शिकायत की गई थी।जांच में एक विशिष्ट मामला सामने आया है, जहां रसीद संख्या 409493 (दिनांक 6 अक्टूबर 2025) से संबंधित 10,080 रुपए की राशि नगर पालिका कोष में जमा नहीं की गई थी। यह रसीद बुक पहले ही समाप्त घोषित कर रिकॉर्ड रूम में जमा की जा चुकी थी।इसी प्रकार, चार अंकों वाली फर्जी रसीद बुक (क्रमांक 0070) का उपयोग करके 550 रुपए की वसूली दिखाकर गबन किया गया। एक अन्य मामले में, वर्ष 2020 की रसीद बुक संख्या 223201 से 223300 के माध्यम से लगभग 11 लाख रुपए का गबन उजागर हुआ था। यह मामला 2024 में सामने आने के बावजूद, अभी तक कोई पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अधिशाषी अधिकारी द्वारा दोषी कर अधीक्षक, कर निरीक्षक और टैक्स कलेक्टरों पर कार्रवाई न करना, नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार में उनकी संलिप्तता को दर्शाता है।अंशुमान माथुर ने जिलाधिकारी से मांग की है कि फर्जी रसीद बुक छापने वाले निजी प्रिंटिंग प्रेस की जांच कराई जाए। इसके साथ ही, संबंधित कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने और नगर पालिका परिषद लखीमपुर का विशेष ऑडिट कराने की भी मांग की गई है, ताकि जनता के धन का हिसाब स्पष्ट हो सके।इस संबंध में, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी (ईओ) संजय कुमार ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच करवाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी।






