जौनसार-बावर में पलायन रोकने पर मंथन: युवाओं को आकर्षक रोजगार से जोड़ने पर जोर

जन एक्सप्रेस/विकासनगर : जौनसार-बावर क्षेत्र में बढ़ते पलायन को रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने के उद्देश्य से विकासखंड कालसी में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा जनजाति सब प्लान के अंतर्गत किया गया, जिसमें बुद्धिजीवी वर्ग, सामाजिक कार्यकर्ता और जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान, उत्तराखंड पलायन आयोग के सदस्य राम प्रकाश पैन्यूली, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ ए के शर्मा तथा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ पूजा गौड़ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता राम प्रकाश पैन्यूली ने कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि युवाओं को केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ते हुए दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए।
वहीं, कार्यक्रम की अतिथि वक्ता डॉ पूजा गौड़ ने युवाओं की बदलती सोच और जीवनशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का युवा अधिक पढ़ा-लिखा और जागरूक है, जो अपने जीवन को आकर्षक और बेहतर तरीके से जीना चाहता है। ऐसे में यह जरूरी है कि रोजगार के अवसर भी आधुनिक और युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि रोजगार के साधन आकर्षक और आय बढ़ाने वाले होंगे, तो युवा गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन नहीं करेंगे।
डॉ पूजा गौड़ ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह ग्रामीण मिशन के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से कई लोग छोटे-छोटे उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जौनसार-बावर क्षेत्र में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही दिशा और प्रशिक्षण देकर बड़े स्तर पर विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में अन्य विशेषज्ञों ने भी कृषि, सहकारिता और ग्राम्य विकास के माध्यम से रोजगार सृजन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। वक्ताओं ने सुझाव दिया कि सरकार और संस्थाओं को मिलकर ऐसी योजनाएं बनानी चाहिए, जो स्थानीय संसाधनों पर आधारित हों और युवाओं को गांव में ही रोजगार उपलब्ध करा सकें।
कार्यशाला के अंत में यह निष्कर्ष निकाला गया कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। इसके लिए सरकार का ध्यान इस दिशा में आकर्षित किया जाएगा ताकि क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर विकसित किए जा सकें।
इस अवसर पर इंदर सिंह नेगी, स्वराज सिंह चौहान, अनिल तोमर सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।






