उत्तर प्रदेशचित्रकूट

समर्थ उत्तर प्रदेश @2047 : विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम

नीति आयोग सभागार में आयोजित गोष्ठी में प्रबुद्धजनों, शिक्षाविदों और छात्रों ने रखे विचारसकारात्मक सोच, तकनीकी शिक्षा और सह भागिता से संभव है विकसित भारत का सपना

जन एक्सप्रेस चित्रकूट: नीति आयोग सभागार, विकास भवन में सोमवार को “समर्थ उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश @2047” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयुक्त चित्रकूट धाम मंडल एवं जनपद नोडल अधिकारी अजीत कुमार की अध्यक्षता में विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध जन, शिक्षाविद, अधिकारी, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

विकास की दिशा में उत्तर प्रदेश की महत्त्वपूर्ण भूमिका

अजीत कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकसित किए बिना भारत को विकसित नहीं बनाया जा सकता। बीते वर्षों में बुंदेलखंड सहित पूरे प्रदेश में बुनियादी ढांचे, जल जीवन मिशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता के क्षेत्र में सराहनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि हमें नकारात्मक सोच छोड़कर, समाज में जागरूकता फैलानी होगी और छात्र-छात्राओं को नौकरी चाहने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाना होगा।

सोच बदलो, भारत बदलेगा” — जगत राज त्रिपाठी

सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी जगत राज त्रिपाठी ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने। इसके लिए हर नागरिक की भागीदारी अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि विकास की असली कसौटी यह है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, तकनीक, रोजगार और नैतिक मूल्यों में सुधार से ही यह संभव है।

जातिवाद से ऊपर उठकर सोचें — प्रो. रामचंद्र सिंह

चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रामचंद्र सिंह ने कहा कि यदि हम समाज में एक-दूसरे को सहयोग और सम्मान दें तो जातिवाद जैसी रुकावटें अपने आप समाप्त हो जाएंगी।
“मन के हारे हार है, मन के जीते जीत” — इस विचार के साथ उन्होंने सोच में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया।

तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत — डॉ. धर्मेंद्र कुमार

कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बांदा के प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि केवल नए विश्वविद्यालय खोलने से नहीं, बल्कि गुणवत्ता आधारित शिक्षा और सरकारी संसाधनों की उपलब्धता से बदलाव आएगा।
उन्होंने कहा कि अनुसंधान और नवाचार के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है।

छात्रों, युवाओं और शिक्षकों ने रखे विचार

आईटीआई शिवरामपुर के जितेंद्र कुमार शुक्ला, पॉलिटेक्निक बरगढ़, तुलसीदास महाविद्यालय, कौशल विकास मिशन, और रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी अपने विचार साझा किए।
सभी ने शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें रखीं।

चार सत्रों में होगी व्यापक चर्चा: अमृतपाल कौर

मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल शिक्षा विषयक पहला सत्र है। आगामी दिनों में चार सत्रों में विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी, जिनके माध्यम से जनपद के विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। गोष्ठी का संचालन जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. वैभव त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी, जिला विकास अधिकारी सत्य राम यादव, डीसी एनआरएलएम ओमप्रकाश मिश्र, डीसी मनरेगा डी. एन. पांडेय, उप निदेशक कृषि राजकुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक रविशंकर, जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चन्द्र गुप्ता, समेत संबंधित विभागों के अधिकारी, शिक्षक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।विकसित भारत का सपना तब साकार होगा जब हर हाथ में हुनर और हर मन में सकारात्मक सोच होगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button