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अमेठी: करनगांव में भीषण अग्निकांड, 10 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जलकर राख; दाने-दाने को मोहताज हुए किसान

जन एक्सप्रेस / अमेठी : उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। तिलोई विधानसभा क्षेत्र के सिंहपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा करनगांव के ‘पूरे पहाड़ गांव’ में बुधवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने भारी तबाही मचाई है। इस हादसे में करीब 8 से 10 बीघा से अधिक गेहूं की लहलहाती खड़ी फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। इस घटना ने कई गरीब किसानों के सामने पेट भरने और जीवन यापन का गहरा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।

तेज हवाओं ने मचाया तांडव, ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर खेतों में अचानक आग सुलग उठी। पछुआ और तेज हवाओं के चलते चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को अपनी फसलों को बचाने का मौका तक नहीं मिला।

आग का तांडव देख गांव में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने गजब का साहस दिखाते हुए एकजुटता दिखाई और बाल्टी, निजी पाइप व अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से खुद ही आग पर काबू पाने की जद्दोजहद शुरू कर दी। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग को आगे बढ़ने से रोका, लेकिन तब तक कई किसानों की साल भर की मेहनत जलकर खाक हो चुकी थी।


इन किसानों के अरमान हुए खाक

यह हादसा उस वक्त हुआ जब फसल पूरी तरह पक चुकी थी और कटाई शुरू होने ही वाली थी। इस अग्निकांड में भारी नुकसान उठाने वाले किसानों की सूची नीचे दी गई है:

क्र.सं. पीड़ित किसानों के नाम
1. नफीस, रेहान, इरफान (पुत्र बकरीदी)
2. इलियास (पुत्र मुशिर)
3. कलीम, अतीक (पुत्र शमीम)
4. दीपक (पुत्र देवीलाल)
5. रामराज, धर्मेंद्र, रामप्रताप
6. महादेव, रामफेर, ओम प्रकाश
7. विजय बहादुर, महावीर (व अन्य)

प्रशासन से तत्काल मुआवजे की गुहार

खून-पसीने से सींची गई फसल के बर्बाद होने के बाद पीड़ित किसान गहरे सदमे में हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मौके पर अधिकारियों को भेजकर नुकसान का सही सर्वे कराया जाए और पीड़ित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए।

तहसीलदार अभिषेक यादव का बयान: > “मामले की जानकारी मिलते ही राजस्व टीम (लेखपाल और कानूनगो) को तत्काल मौके पर जांच के लिए भेज दिया गया है। नुकसान का सटीक आकलन करने के बाद प्रभावित किसानों को शासन के नियमानुसार जल्द से जल्द आर्थिक सहायता (राहत कोष से) प्रदान की जाएगी। साथ ही, आग लगने के असली कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।”

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