उत्तर प्रदेशबरेली

मौलाना तौकीर, नदीम और नफीस गिरफ्तार, 150 करोड़ की संपत्ति जब्त

जुमे की नमाज के बाद रची गई थी हिंसा की साजिश, 62 गिरफ्तार, इंटरनेट सेवा बहाल

जन एक्सप्रेस /  बरेली :  जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस पूरे घटनाक्रम के तीन मास्टरमाइंड—मौलाना तौकीर रजा, उनके करीबी नदीम, और आईएमसी के प्रवक्ता डॉ. नफीस—को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, इन तीनों ने मिलकर एक बड़ी साजिश रची थी जिसमें करीब 40,000 लोगों को बुलाने और 390 मस्जिदों में ठहराने की योजना थी।

व्हाट्सएप कॉल से जुटाए गए 1600 उपद्रवी

पुलिस जांच में सामने आया है कि नदीम ने 55 लोगों को व्हाट्सएप कॉल कर बरेली बुलाया था। इन लोगों ने मिलकर 1600 उपद्रवियों को हिंसा के लिए इकट्ठा किया। इन उपद्रवियों को निर्देश था कि सीएए-एनआरसी विरोध प्रदर्शन की तर्ज पर नाबालिगों को आगे रखकर माहौल खराब किया जाए।

डॉ. नफीस की धमकी और 74 दुकानें सील

डॉ. नफीस, जो आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता हैं, ने एक इंस्पेक्टर को “हाथ काटने” की धमकी दी थी। उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। नफीस की तीन दर्जन से अधिक दुकानों को बरेली नगर निगम और बीडीए ने सील कर दिया है।

फर्जी दस्तखत का मामला भी सामने आया

हिंसा के एक दिन पहले आईएमसी की ओर से जारी पत्र में लियाकत खान के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। जांच में स्पष्ट हुआ कि नदीम ने खुद लियाकत के सिग्नेचर किए थे। इस मामले में भी अलग से कार्रवाई की जा रही है।

पेट्रोल से भरी बोतलों के साथ पकड़े गए लोग

कोतवाली इलाके में बोतलों में पेट्रोल ले जाते लोगों के वीडियो सामने आए हैं। प्रशासन का कहना है कि ये गतिविधियां स्पष्ट रूप से पूर्व नियोजित हिंसा की तैयारी का हिस्सा थीं। पेट्रोल पंप मालिकों पर भी नियमों की अवहेलना के आरोप लगे हैं।

अब तक 62 गिरफ्तार, 10 एफआईआर दर्ज

पुलिस अब तक 62 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर चुकी है और 10 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सोमवार को ही 29 आरोपियों को जेल भेजा गया। पुलिस ने हिंसा में शामिल लोगों की 150 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।

इंटरनेट सेवा बहाल, शहर में हालात शांत

लगातार तनाव के चलते शनिवार शाम को बरेली में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। अब हालात सामान्य होने पर सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। फिलहाल शहर में शांति बनी हुई है और पुलिस हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

एमसीडी कमिश्नर का बयान

बरेली एमसीडी कमिश्नर संजीव कुमार ने स्पष्ट किया है कि बुलडोजर कार्रवाई जैसी कोई भी योजना अभी प्रशासन के पास नहीं है। सभी सील की गई दुकानों की विधिवत जांच चल रही है, जिसके बाद ही अगली कार्रवाई तय की जाएगी।

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