
जन एक्सप्रेस/बड़कोट: विश्व वन दिवस के अवसर पर अपर यमुना वन प्रभाग के अंतर्गत वन चेतना केंद्र, बड़कोट में एक गोष्ठी आयोजित की गई। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य वनों के संरक्षण, संवर्धन और जन-जागरूकता को बढ़ावा देना था।
गोष्ठी में उपस्थित प्रमुख अधिकारी और सहभागिता
वन चेतना केंद्र में आयोजित इस गोष्ठी में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और वन संरक्षण के दृष्टिकोण से अग्रिम पंक्ति के क्षेत्रीय वन कर्मचारियों, क्यूआरटी और पीआरटी के सदस्यों तथा विभिन्न रेंजों के कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी रंवाई राजि शेखर राणा ने विश्व वन दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने वन संसाधनों के सतत प्रबंधन में स्थानीय समुदाय की भूमिका को अहम बताया।
वन क्षेत्राधिकारी कुथनौर राजि आशीष नौटियाल और प्रशिक्षु वन क्षेत्राधिकारी शिवानी रावत ने उपस्थित कर्मचारियों को वनों के प्रभावी संरक्षण और प्रबंधन के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।
स्वच्छता संदेश और हस्ताक्षर अभियान
कार्यक्रम के दौरान “मैं भी स्वच्छता सेनानी” हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस अभियान में अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों ने पोस्टर पर हस्ताक्षर कर स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस पहल का उद्देश्य अन्य लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करना था।
समापन पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता की शपथ ली। इसके बाद वन चेतना केंद्र परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर परिसर को साफ किया गया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश आम जनता तक पहुँचाया गया।
वन संरक्षण और जागरूकता का महत्व
विश्व वन दिवस पर आयोजित इस गोष्ठी ने वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के महत्व को प्रमुखता से उजागर किया। कार्यक्रम ने न केवल वन कर्मचारियों बल्कि स्थानीय समुदाय और विद्यार्थियों में वन जागरूकता और पर्यावरण संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया।
इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि वनों का संरक्षण और स्वच्छता दोनों ही पर्यावरण के संतुलन के लिए जरूरी हैं। ऐसे कार्यक्रम स्थानीय लोगों को वनों की अहमियत समझाने और उन्हें संरक्षण में भागीदार बनाने में सहायक होते हैं।






