
जन एक्सप्रेस/हरिद्वार: कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली और गुरु नानक जयंती के पावन पुण्य संयोग पर सायंकाल गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के सभागार में एक अद्भुत एवं विलक्षण दृश्य देखने को मिला। यह अवसर परम वंदनीया माता जी द्वारा संचालित नारी जागृति अभियान के अंतर्गत पोषित, पुष्पित और पल्लवित मातृ शक्ति और नई युवा पीढ़ी की बेटियों के संयुक्त संचालन में आयोजित गायत्री दीपमहायज्ञ का साक्षी बना।
देव दिवाली की पावन संध्या वेला में शांतिकुंज की पांच बालिकाओं ने शांतिकुंज महिला मंडल की बहिनों के साथ मंच साझा करते हुए गायत्री दीप महायज्ञ को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। हालांकि प्रत्येक पूर्णिमा को गायत्री तीर्थ में भव्य गयत्री दीप महायज्ञ का आयोजन होता है, किंतु इस बार का आयोजन अपने आप में रोमांचक एवं अदभुत था। यह पहला अवसर था जब नारी जागृति अभियान के तहत जन-जागरण की अलख जगाने वाली वर्तमान पीढ़ी और इस अभियान की डोर थामने वाली भविष्य की पीढ़ी एक साथ मंच पर उपस्थित थीं।
यह दृश्य युगऋषिद्वय पं श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के सपनों को साकार करने हेतु युग निर्माण योजना एवं विचार क्रांति अभियान की ओर नई पीढ़ी के बढ़ते कदमों को दर्शा रहा था, जिसे देखकर उपस्थित सभी कार्यकर्ता भाई-बहन हर्षित हो उठे। दीप महायज्ञ के दौरान महिला मंडल की सदस्याओं ने मधुर संगीत से मंत्रमुग्ध कर देने वाला समां बांधी, तो वहीं शांतिकुंज की युवा पीढ़ी बालिकाओं ने अपने सारगर्भित प्रवचन और कर्मकांड के कुशल संचालन से सभी उपस्थित जन समूह को अभिभूत कर दिया।
युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हुए कु० आहुति पंड्या ने अपने मर्मस्पर्शी एवं धाराप्रवाह वक्तव्यों से उपस्थित जन समूह का मन मोह लिया। उनके विचारों में गुरुदेव के सिद्धांतों और युग निर्माण के संकल्प की स्पष्ट झलक दिखाई दी, जो भविष्य के सुनहरे संकेत दे रही थी।
इस दुर्लभ एवं विलक्षण दृश्य की गवाह बनने वालों में शांतिकुंज महिला मंडल की अध्यक्षा आदरणीया शेफाली पंड्या अपनी सहयोगी बहिनों के साथ उपस्थित थी।






