दिल्ली/एनसीआर

एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव लोकेश चुग को हाई कोर्ट से बड़ी राहत

नई दिल्ली । दिल्ली हाई कोर्ट ने गुजरात दंगों को लेकर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर प्रतिबंध के बावजूद उसकी स्क्रीनिंग में हिस्सा लेने पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव लोकेश चुग को एक साल के लिए यूनिवर्सिटी से निष्कासित करने के दिल्ली यूनिवर्सिटी के आदेश को निरस्त कर दिया है। जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी का आदेश नैसर्गिक न्याय के खिलाफ है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने हाई कोर्ट से कहा था कि जिन छात्रों ने गुजरात दंगों को लेकर बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर प्रतिबंध के बावजूद उनकी स्क्रीनिंग में हिस्सा लिया, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। बिना इजाजत के छात्रों का स्क्रीनिंग में या विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लेना घोर अनुशासनहीनता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी का कहना था कि लोकेश कैंपस में हुए प्रदर्शन का मास्टरमाइंड था और डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग में उसकी सक्रिय भूमिका थी। दिल्ली यूनिवर्सिटी का कहना था कि लोकेश चुग 27 जनवरी को यूनिवर्सिटी कैंपस में हुए विरोध-प्रदर्शन का मास्टरमाइंड था और डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग में भी उसकी सक्रिय भूमिका रही। उसकी मंशा यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक कामकाज में बाधा डालने की थी। यह सब करके वो यूनिवर्सिटी की साख को भी धक्का पहुंचाना चाहता था। 18 अप्रैल को हाई कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया था।

लोकेश चुग एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव हैं। चुग दिल्ली यूनिवर्सिटी में मानव विज्ञान (एंथ्रोपोलॉजी) विभाग में पीएचडी के रिसर्च स्कॉलर हैं। याचिका में कहा गया था कि 27 जनवरी को यूनिवर्सिटी कैंपस में एक विरोध आयोजित किया गया। इस विरोध के दौरान बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया : द मोदी क्वेश्चन’ की स्क्रीनिंग आयोजित की गई थी।

याचिका में कहा गया था कि विरोध के दौरान याचिकाकर्ता मौके पर मौजूद भी नहीं था बल्कि वो मीडिया से बात कर रहा था। पुलिस ने डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग करने के आरोप में कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया था। पुलिस ने याचिकाकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया था। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने याचिकाकर्ता को 16 फरवरी को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उसके बाद यूनिवर्सिटी ने 10 मार्च को उसे एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button