
जन एक्सप्रेस/ नई टिहरी: जनपद में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने एक बड़ा मानवीय निर्णय लिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी (HRP) के मामलों में अस्पताल में भर्ती होने वाली महिलाओं के साथ आने वाले तीमारदारों को भी निशुल्क भोजन और ठहरने की सुविधा प्रदान की जाए।
तीमारदारों के लिए होटल और धर्मशालाओं में होगी व्यवस्था
जिलाधिकारी ने ब्लॉक स्तर के चिकित्साधिकारियों (MOIC) को स्पष्ट निर्देश दिए कि धन की कोई कमी नहीं है। यदि अस्पताल परिसर में जगह कम है, तो संबंधित डॉक्टर अपने नजदीकी होटल या धर्मशालाओं में एक निश्चित धनराशि पर तीमारदारों के ठहरने का प्रबंध सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गंभीर स्थिति में मरीज के साथ आने वाले परिजन को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए।
रेफरल केसों पर ‘कड़ी नजर’, डॉक्टरों को लेनी होगी जिम्मेदारी
पिछले एक साल के रेफरल डेटा की समीक्षा करते हुए डीएम ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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किसी भी मरीज को रेफर करने से पहले संबंधित उच्च अस्पताल के डॉक्टर से संपर्क कर बेड और उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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हर स्वास्थ्य केंद्र पर यह डेटा होना चाहिए कि रेफरल का ठोस कारण क्या था और क्या मरीज को वहां सही उपचार मिला।
चाइल्ड सेक्स रेशियो में कमी पर सख्त रुख
समीक्षा के दौरान चंबा, फकोट और थौलधार ब्लॉकों में चाइल्ड सेक्स रेशियो (बाल लिंगानुपात) में कमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित चिकित्साधिकारियों को विशेष निगरानी बढ़ाने और इस गैप को कम करने के लिए कड़े निर्देश दिए।
एक महीने में देनी होगी वर्किंग प्रेजेंटेशन
डीएम ने सभी ब्लॉक चिकित्साधिकारियों को एक महीने का समय दिया है। उन्हें ब्लॉकवार अपनी कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के रोडमैप के साथ प्रेजेंटेशन देनी होगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सीएमओ श्याम विजय, सीएमएस बौराड़ी अमित राय, सीएमएस नरेंद्र नगर डॉ. सुनीता, क्षय रोग अधिकारी जितेन्द्र भण्डारी और सभी सीएचसी-पीएचसी के प्रभारी उपस्थित रहे।






