अगले साल विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव, पार्टियों ने कसी कमर

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ने वाली है। वर्ष 2026 में विधान परिषद की 11 सीटें रिक्त होने जा रही हैं। इनमें स्नातक व शिक्षक क्षेत्र की सीटें भी शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, वहीं सियासी दलों ने भी रणनीति पर मंथन तेज कर दिया है।
इन सीटों पर होगा चुनाव
ये 11 सीटें स्नातक और शिक्षक क्षेत्रों से संबंधित हैं, जिन पर हर 6 साल में चुनाव होते हैं। इस बार जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने वाला है, उनमें कई बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं।
इन दिग्गजों का कार्यकाल हो रहा खत्म
- अवनीश कुमार सिंह
- मान सिंह यादव
- मानवेंद्र सिंह
- दिनेश गोयल
- हरि सिंह ढिल्लो
- उमेश द्विवेदी
- ध्रुव त्रिपाठी
इन सदस्यों की जगह अब नए प्रतिनिधियों का चुनाव होगा, जिससे परिषद की सियासी तस्वीर भी बदल सकती है।
सियासी गणित साधने में जुटे दल
भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य दलों ने अपनी-अपनी संभावनाएं टटोलनी शुरू कर दी हैं। खासकर शिक्षक और स्नातक क्षेत्र के मतदाताओं को साधने के लिए अभियान जल्द तेज किया जाएगा।
क्या बदलेगा परिषद का संतुलन?
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इन चुनावों का असर विधान परिषद के संतुलन पर सीधा पड़ेगा। भाजपा जहां अपने प्रभाव को बनाए रखने की रणनीति में है, वहीं विपक्षी दल इस मौके को सत्ता पक्ष को घेरने के रूप में देख रहे हैं।
चुनाव की तारीखों का जल्द ऐलान संभव
सूत्रों के मुताबिक निर्वाचन आयोग आगामी महीनों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। इससे पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण व नामांकन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।






