
जन एक्सप्रेस उत्तरकाशी (धराली):धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने के बाद मची तबाही के दूसरे दिन बुधवार दोपहर मौसम साफ होते ही राहत एवं बचाव अभियान ने रफ्तार पकड़ी। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमें हेलीकॉप्टरों के माध्यम से घटनास्थल पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों की खोजबीन शुरू की गई। अब तक की जानकारी के अनुसार आपदा में छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इनमें सेना के 10 जवान, आठ स्थानीय युवक और दो नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
धराली से नौ यात्रियों को हेलीकॉप्टर से किया गया रेस्क्यू
हर्षिल राहत कैंप में फंसे नौ यात्रियों को हेली से मातली सुरक्षित पहुंचाया गया।
वहीं सेना के दो घायल जवानों को हायर सेंटर भेजा गया है।
हर्षिल और धराली क्षेत्र में कई जगह बचाव दलों ने जिंदगियों को मलबे से बाहर निकाला, जिसमें 13 लोगों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें 11 सेना के जवान शामिल हैं।
पोकलैंड मशीनें चीन सीमा से एयरलिफ्ट, रास्ते खोलने का प्रयास
धराली की ओर जाने वाले कई मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गए हैं। गंगोत्री हाईवे का 100 मीटर से ज्यादा हिस्सा धंसा हुआ है, जिससे डीएम और एसपी भी आगे नहीं बढ़ पाए।
भारतीय वायुसेना की मदद से सीमा सड़क संगठन (BRO) की भारी मशीनें और पोकलैंड को चीन सीमा से एयरलिफ्ट कर लाया जा रहा है, ताकि रास्तों को खोला जा सके।
भागीरथी में बनी झील, खतरे की आशंका टली, पर निगरानी जारी
तैलगाड़ गधेरे से आए मलबे के कारण भागीरथी नदी में करीब 1200 मीटर लंबी और 100 मीटर चौड़ी झील बन गई है। सिंचाई विभाग की उच्च स्तरीय टीम ने हेलिकॉप्टर से झील का निरीक्षण किया।
जल निकासी जारी है, हालांकि मलबा हटाने के लिए चार पोकलैंड मशीनों से कार्य शुरू किया जाएगा। विभागाध्यक्ष सुभाष कुमार के नेतृत्व में निरीक्षण कर निगरानी व सुरक्षात्मक कार्रवाई की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री ने किया राहत कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार सुबह उत्तरकाशी पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क, संचार व बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जाए ,पेयजल व खाद्यान्न आपूर्ति की लगातार निगरानी हो ,हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज किया जाए सीएम ने कहा कि “विषम परिस्थितियों में भी सभी टीमें उत्कृष्ट समर्पण और साहस का परिचय दे रही हैं। यह आपदा प्रबंधन का अनुकरणीय उदाहरण है।”






