
जन एक्सप्रेस हरिद्वार: देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक हरकी पैड़ी की पवित्रता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अक्टूबर 2026 से हरकी पैड़ी क्षेत्र में जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश पूरी तरह वर्जित कर दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को नंगे पांव ही गंगा दर्शन की अनुमति मिलेगी। इस नई व्यवस्था के तहत छह मुख्य प्रवेश द्वारों पर क्लॉक रूम और मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे।
छह प्रमुख गेट्स पर होंगे आधुनिक इंतज़ाम
मेला प्रशासन के अनुसार, पंतद्वीप, अपर रोड, कांगड़ा घाट, सीसीआर शिव सेतु, संजय पुल और हाथी पुल के दोनों ओर क्लॉक रूम बनाए जाएंगे। यहां श्रद्धालु अपने जूते-चप्पल सुरक्षित रख सकेंगे। मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।हर एंट्री प्वाइंट पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि सुरक्षा व्यवस्था और भी अधिक पुख्ता की जा सके।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं भी होंगी बेहतर
नंगे पांव चलने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे हरकी पैड़ी क्षेत्र में विशेष मैट बिछाई जाएगी, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। इसके साथ ही क्लॉक रूम में टोकन प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे जूते-चप्पल सुरक्षित रखने में कोई परेशानी न हो।
धार्मिक गरिमा और सुरक्षा, दोनों पर रहेगा विशेष ध्यान
प्रशासन का कहना है कि यह कदम हरकी पैड़ी की धार्मिक गरिमा बनाए रखने के लिए उठाया गया है। घाट क्षेत्र में अवैध फड़, भीख मांगने वालों और लावारिस पशुओं के प्रवेश पर भी सख्त रोक लगाई जाएगी।मेला प्रशासन और पुलिस विभाग के बीच इस योजना को लेकर कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं। भीड़ को व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित करने और सुरक्षा जांच को कड़ा बनाने के लिए यह व्यवस्था एक अहम कदम मानी जा रही है।
नवीन व्यवस्था से और सशक्त होगा हरकी पैड़ी का धार्मिक स्वरूप
हरकी पैड़ी सिर्फ एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। प्रशासन की नई पहल से न केवल गंगा स्नान की शुचिता बनी रहेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित अनुभव भी मिलेगा।






