उत्तर प्रदेश

अधिकारी गौ आश्रय स्थलों पर नियमित भ्रमण करें: प्रमुख सचिव

गाजियाबाद  । प्रदेश के प्रमुख सचिव पशुधन रविंद्र की अध्यक्षता में गौवंशों की सुरक्षा व योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक आयोजित हुई। जिसमें प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि अधिकारी गौ आश्रय स्थलों पर नियमित भ्रमण करें।

प्रमुख सचिव ने बैठक में कहा कि गौआश्रय स्थलों के समस्त मृत गौवंशों का अभिलेख रखा जाए तथा शव का समुचित विधि से निस्तारण कराया जाए। प्रत्येक गौआश्रय स्थल से उसके आसपास की कुछ गांवो को सम्बद्ध किया जाए तथा सम्बद्ध गांव के निराश्रित गौवंश को ही गौआश्रय स्थल पर संरक्षित कराया जाए। पशुओं में अनिवार्य रूप से टैग लगाने के लिए उन्होंने सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों / उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया तथा टैग न लगवाने वाले पशुपालकों की सूची साक्ष्य के साथ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। भविष्य में बिना टैग वाले पशुओं को किसी प्रकार का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अथवा विभागीय सुविधा न देने के निर्देश दिए।

सभी गौआश्रय स्थलों पर लक्ष्य के अनुसार भूसे स्थानीय दर पर अविलंब क्रय करने के निर्देश दिए। कहा कि यदि जनपद में भूसे की कमी हो तो उसके स्थान पर कम दाम पर साईलेज क्रय करें। साइलेज की पौष्टिकता भूसे से अधिक होती है। अधिकारी गौ आश्रय स्थलों पर नियमित भ्रमण करें तथा लू के प्रकोप से बचाव की व्यवस्थाओं का नियमित अनुश्रवण करते हुए कमियों को दूर करायें। निराश्रित पशुओं की चिकित्सा में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो, इसके लिए उन्हें नियमित रूप से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि पशुधन की सुरक्षा हेतु हर संभव प्रयास किए जाएं। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने जनपद में निराश्रित गोवंश संरक्षण, सहभागिता योजन्तर्गत लाभान्वित पशु पालकों, भरण पोषण धनराशि भुगतान, भूसा संग्रह तथा पशुपालन विभाग की विभाग की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की ।

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