दिवाली पर बुंदेलखंड की धरती पर गूंजा ‘दिवारी नृत्य’, लाठियों की लय में झूमी श्रद्धा
डंडों की थाप पर थिरका चित्रकूट,लोक परंपरा, ताकत और ताल का संगम

जन एक्सप्रेस चित्रकूट(हेमनारायण हेमू): दिवाली के पावन अवसर पर चित्रकूट की धरती एक बार फिर परंपरा और पराक्रम के रंगों में रंग गई। यहां बुंदेलखंड की मशहूर दिवारी नृत्य परंपरा का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण युवक हाथों में लाठी-डंडा लेकर संगीत की थाप पर अद्भुत लय में नृत्य करते नजर आए। दीपदान मेला के चौथे दिन दिवारी नृत्य करते और मौन व्रत धारण किए श्रद्धालु जब हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे, तो दृश्य अत्यंत भावविभोर कर देने वाला था। भक्तों का कहना था, “धर्म और आस्था महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सबसे पहले हमारा राष्ट्र है।”
राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगे भक्त
इस बार के मेले में खास बात यह रही कि श्रद्धालुओं ने न सिर्फ धार्मिक परंपराओं का पालन किया, बल्कि देशभक्ति का प्रदर्शन भी पूरे सम्मान और गौरव के साथ किया। मौन चराने वाले भक्तों के माथे पर तिलक, शरीर पर भगवा वस्त्र और हाथों में लहराता तिरंगा — यह दृश्य श्रद्धा और समर्पण का जीवंत प्रतीक बन गया।
दिवारी नृत्य बना आकर्षण का केंद्र
चित्रकूट की पारंपरिक दिवारी नृत्य मंडलियों ने ढोल, मंजीरे और नगाड़ों की गूंज के साथ जब तिरंगा थामे नृत्य किया, तो पूरा वातावरण देशभक्ति और संस्कृति की अद्भुत ऊर्जा से भर गया। श्रद्धालुओं और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
राष्ट्र सुरक्षित है, तभी धर्म सुरक्षित है
भक्तों का स्पष्ट संदेश था — “जब देश सुरक्षित रहेगा, तभी हमारी पूजा, हमारा पर्व और हमारी आस्था सुरक्षित रह पाएगी।” तिरंगे को साथ लेकर किया गया नृत्य और व्रत, यह संदेश देता है कि आधुनिक श्रद्धा अब केवल धर्म तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्रधर्म के साथ गहराई से जुड़ चुकी है।
मेले में उमड़ी जनसैलाब, प्रशासन मुस्तैद
दिवाली मेले के चौथे दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु कामदगिरि की परिक्रमा, मंदाकिनी स्नान और सती अनुसूया आश्रम दर्शन के लिए पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन व पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। चित्रकूट का यह दृश्य आज पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गया है — जहां श्रद्धा, संस्कृति और देशभक्ति साथ चल रहे हैं। इस दिव्य पर्व ने यह साबित कर दिया कि आस्था और राष्ट्रप्रेम जब एक साथ चलते हैं, तो समाज और संस्कृति दोनों मजबूत होते हैं।






