
जन एक्सप्रेस/रुद्रपुर(उत्तराखण्ड) : ग्यारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को हार्टफुलनेस संस्थान एवं आयुष विभाग, रुद्रपुर के संयुक्त तत्वावधान में सिटी क्लब में एक दिवसीय ध्यान एवं योग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रातः 8:00 बजे से 9:00 बजे तक चला, जिसमें 270 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं क्षेत्रीय विधायक श्री शिव अरोरा, विशिष्ट अतिथि डीएसओ जानकी कार्की, डीएओ डॉ. आलोक कुमार शुक्ला, सीएफओ इशान कटारिया, और हार्टफुलनेस केंद्र समन्वयक डॉ. सीमा अरोरा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
ध्यान और योग पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन :
कार्यक्रम में जीएस पाल ने तीन शरीरों व अष्टांग योग पर विस्तार से जानकारी दी। विपिन त्रिपाठी ने हार्टफुलनेस ध्यान के चार मुख्य अवयव — रिलैक्सेशन, ध्यान, सफाई और प्रार्थना — को समझाया और ‘यौगिक प्राणाहुति’ की महत्ता पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात श्री तरुण द्वारा प्रतिभागियों को सूक्ष्म योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। डॉ. सीमा अरोरा ने रिलैक्सेशन सत्र संचालित किया और अरविंद द्वारा ध्यान सत्र संपन्न कराया गया।
मुख्य अतिथि का संदेश :
विधायक शिव अरोरा, जो स्वयं हार्टफुलनेस के अभ्यासकर्ता व प्रशिक्षक हैं, ने ध्यान को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा,
“ध्यान मन की स्थिरता, करुणा, साहस और निर्णय शक्ति को विकसित करता है। हृदय पर ध्यान केंद्रित करना आत्मविकास का आधार है।”
मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता पर जोर :
डॉ. आलोक कुमार शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में केवल शारीरिक नहीं, मानसिक व आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने जीवन के मूल उद्देश्य को पाने हेतु नियमित ध्यान अभ्यास की आवश्यकता बताई।






