बिश्व गौरैया दिवस पर बच्चों ने कृत्रिम घोसले बनाकर बेजुवान पक्षियों को दिया संरक्षण

जन एक्सप्रेस/हरपालपुर: आधुनिकता की चकाचौंध और कंक्रीट के जंगलों के बीच विलुप्त हो रही नन्ही गौरैया को बचाने के लिए हरपालपुर क्षेत्र के बच्चों ने एक अनूठी और भावुक पहल की है। ‘विश्व गौरैया दिवस’ के अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में बच्चों ने अपने घरों में कृत्रिम घोंसले बनाकर और दाना-पानी का प्रबंध कर इस बेजुबान पक्षी के संरक्षण का संकल्प लिया।
शुक्रवार को विश्व गौरैया दिवस पर कटियारी के नन्हे-मुन्ने बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। बच्चों ने पुराने गत्ते के डिब्बों, लकड़ी के बुरादे और मिट्टी के बर्तनों का उपयोग कर सुंदर घोंसले तैयार किए। इन घोंसलों को घरों के बरामदों, छतों और पेड़ों की टहनियों पर सुरक्षित स्थान दिया गया। बच्चों ने न केवल घोंसले बनाए, बल्क छतों पर मिट्टी के सकोरों में शीतल जल और अनाज के दाने भी रखे।कस्बे के जीनियस पब्लिक स्कूल की इस मुहिम में शामिल बच्चों का कहना है कि पहले घर के आंगन में गौरैया की चहचहाहट गूंजती थी, जो अब कम होती जा रही है। मोबाइल टावरों के रेडिएशन और पक्के मकानों के कारण इनके रहने की जगह खत्म हो गई है। बच्चों की इस संवेदनशीलता को देख अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने भी उनकी सराहना की।
