फूलदेई महोत्सव व घोघा जातरा: लोकसंस्कृति और बाल उत्साह का भव्य संगम

जन एक्सप्रेस/अगस्त्यमुनि: दस्तक परिवार, अगस्त्यमुनि द्वारा आयोजित फूलदेई महोत्सव और घोघा जातरा का भव्य आयोजन उत्साह, उमंग और लोकसंस्कृति की शानदार छटा के बीच संपन्न हुआ। जनपद के विभिन्न गांवों से आई 52 टीमों ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग कर इसे यादगार बना दिया।
बच्चों और युवाओं ने प्रस्तुत किया लोक रंग
कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ पेश कर चैत्र संक्रांति से शुरू होने वाले बालपर्व को जीवंत रूप दिया। दस्तक परिवार यह आयोजन वर्ष 2010 से प्रतिवर्ष कर रहा है, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को लोकसंस्कृति से जोड़ना, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और बाल विकास में योगदान करना है।
आयोजन को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग रुद्रप्रयाग, रिन्यू पावर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान और जिला प्रशासन का सहयोग प्राप्त हुआ।
अतिथियों ने सराहा प्रयास
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने दस्तक परिवार के प्रयासों की सराहना की।
- महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं और बालिकाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करते हैं।
- जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि लोकसंस्कृति के संरक्षण में समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण है और दस्तक परिवार इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है।
- मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने इसे संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम बताया।
- नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र गोस्वामी ने इसे अगस्त्यमुनि की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला प्रयास माना।
- उप जिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी ने बच्चों की सक्रिय भागीदारी को विशेष रूप से सराहा।
प्रतियोगिता के परिणाम
जूनियर वर्ग:
- प्रथम: गुरुकुल नेशनल स्कूल, अगस्त्यमुनि
- द्वितीय: कुष्मांडा घोघा टीम
- तृतीय: अभिषेक घोघा टीम, जवाहर नगर
सीनियर वर्ग:
- प्रथम: प्रेरणा घोघा टीम, कौशलपुर बसुकेदार
- द्वितीय: राइका मणिपुर
- तृतीय: गुरुकुल नेशनल स्कूल, अगस्त्यमुनि
विशेष पुरस्कार:
- सर्वश्रेष्ठ घोघा डोली: अनिरुद्ध घोघा टीम और बीना सजवाण घोघा टीम, सौड़ी
- बेस्ट फुलारी भुली: अक्षिता बर्तवाल
- बेस्ट फुलारी भुला: अग्रिम
सहयोगियों और निर्णायकों की भूमिका
कार्यक्रम में डीएआईटी रतूड़ा, प्राथमिक शिक्षक संघ, व्यापार संघ, कार्तिक स्वामी मंदिर समिति, रुद्रप्रयाग प्रेस क्लब, दस्तक पहाड़ और एनएसएस पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि सहित कई संस्थाएं और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल में डाॅ अंजना फर्स्वाण, अश्विनी गौड़ शामिल थे। संचालन कुसुम भट्ट और कालिका काण्डपाल ने संयुक्त रूप से किया।
आयोजन का सार
पूरे कार्यक्रम में लोकसंस्कृति, बाल उत्साह और सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला। ढोल-दमाऊ की थाप और बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजकों ने अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।







