जौनपुर में आपदा से निपटने की तैयारी, गोपिघाट पर एनडीआरएफ, फायर विभाग व जिला प्रशासन की मॉकड्रिल

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जनपद में किसी भी संभावित आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, फायर विभाग और एनडीआरएफ वाराणसी की संयुक्त टीम द्वारा एक व्यापक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉकड्रिल जौनपुर नगर के गोमती नदी तट स्थित गोपिघाट पर आयोजित की गई, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
एनडीआरएफ के डीआईजी मनोज कुमार शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव कार्यों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना था कि बाढ़, नदी में डूबने, या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत एवं बचाव दल किस प्रकार त्वरित कार्रवाई करता है और आम नागरिक खुद को व दूसरों को सुरक्षित कैसे रख सकते हैं।
मॉकड्रिल के दौरान एनडीआरएफ की टीम ने गोमती नदी के किनारे अपना अस्थायी कैंप स्थापित किया, जिसमें मेडिकल यूनिट, आधुनिक रेस्क्यू उपकरण और आवश्यक संसाधन मौजूद रहे। इसके बाद नदी के भीतर उतरकर फंसे लोगों को बचाने का रिहर्सल किया गया। टीम ने बताया कि किस तरह रस्सियों, बोट, लाइफ जैकेट और अन्य उपकरणों की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू किया जाता है।
इस अभ्यास में फायर विभाग की टीम भी एनडीआरएफ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर शामिल रही। आग लगने या जलभराव जैसी स्थिति में किस प्रकार संयुक्त रूप से राहत कार्य किया जाता है, इसका भी प्रदर्शन किया गया। मॉकड्रिल के दौरान यह दिखाया गया कि किसी दुर्घटना की सूचना मिलते ही किस तरह विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई की जाती है।
एनडीआरएफ के डीआईजी मनोज कुमार शर्मा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाय संयम बनाए रखना सबसे जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियां हर प्रकार की आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित हैं और लगातार अभ्यास के माध्यम से अपनी तैयारियों को मजबूत करती रहती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे पहले पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है, फिर मेडिकल सहायता प्रदान की जाती है। आम नागरिकों को भी प्राथमिक जानकारी होना आवश्यक है, ताकि आपात स्थिति में वे खुद को सुरक्षित रख सकें और दूसरों की मदद कर सकें।
एनडीआरएफ की टीम की जौनपुर में स्थायी तैनाती न होने के सवाल पर डीआईजी मनोज कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि जौनपुर वाराणसी से सटा हुआ जनपद है। ऐसी स्थिति में एनडीआरएफ वाराणसी की टीम किसी भी बड़ी आपदा की सूचना मिलते ही लगभग एक घंटे के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर देती है।
मॉकड्रिल के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने इस अभ्यास को ध्यानपूर्वक देखा और आपदा से जुड़ी जरूरी जानकारियां प्राप्त कीं। लोगों ने इस तरह के कार्यक्रमों को बेहद उपयोगी बताते हुए प्रशासन से समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
इस मॉकड्रिल ने न केवल प्रशासनिक तैयारियों को प्रदर्शित किया, बल्कि आमजन को यह संदेश भी दिया कि आपदा से बचाव के लिए सतर्कता, प्रशिक्षण और समन्वय कितना आवश्यक है।






