
जन एक्सप्रेस देहरादून। उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को देहरादून पहुंचे। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में आयोजित मुख्य समारोह में शिरकत की। उन्होंने 8140 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं पेयजल, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी हैं।
एफआरआई में रजत जयंती समारोह का मुख्य आयोजन
प्रधानमंत्री मोदी सुबह 11 बजे देहरादून पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने उनका स्वागत किया। एफआरआई परिसर में पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और लोकनृत्यों के बीच प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत हुआ। प्रधानमंत्री ने यहां स्मारक डाक टिकट जारी किया और उत्तराखंड के विकास की दिशा पर जनसमूह को संबोधित किया।
तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने त्रुटिरहित व्यवस्था की। एफआरआई और उसके आसपास के क्षेत्रों को जीरो जोन घोषित किया गया। तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मी, सीआईडी और प्रशिक्षण केंद्रों के जवान सुरक्षा में तैनात रहे। स्मार्ट सर्विलांस कैमरों के जरिये प्रतिभागियों की पहचान सुनिश्चित की गई। डीजीपी दीपम सेठ ने शनिवार को सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को सतर्कता के निर्देश दिए थे।
एक लाख से अधिक लोगों की उपस्थिति, देवभूमि सजी रंग-बिरंगी रोशनी में
रविवार का दिन पूरे उत्तराखंड के लिए खास रहा। एफआरआई में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों के जुटने का अनुमान लगाया गया। राजधानी दून में सरकारी भवनों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया, जबकि शहर में पीएम के रूट पर विशेष व्यवस्था की गई। जगह-जगह होर्डिंग और स्वागत द्वार सजाकर प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारी की गई।
उत्तराखंडवासियों को नेताओं की बधाई
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तराखंडवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की यात्रा में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है, पर जनता की अपेक्षाओं पर और कार्य करने की आवश्यकता है।प्रधानमंत्री मोदी का दून प्रवास लगभग ढाई घंटे का रहेगा। इस दौरान वे विकास योजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और राज्य की प्रगति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।






