सुइथाकला में बिजली विभाग की बत्ती गुल! जेई की मनमानी से जनता बेहाल
फोन न उठाया, बात की तो चिल्लाने लगना,आखिर कब सुधरेगा बिजली विभाग?

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: शाहगंज तहसील के सुइथा ब्लॉक में बिजली विभाग की लापरवाही और जूनियर इंजीनियर की मनमानी ने जनता की नींदें उड़ा दी हैं। दिनांक 19 जून को देहरी फीडर पर सुबह 11:30 बजे बिजली गुल हुई, और क्या मज़ाक है—शाम तक कोई सुध लेने तक नहीं आया!
जब जनता ने बार-बार JE से संपर्क करने की कोशिश की, तो महाशय ने न फोन उठाया, न जवाब दिया। और जब उठाया, तो साफ-साफ बदतमीजी से चिल्लाकर बात की। क्या यही है जनता के सेवक का व्यवहार?
छह घंटे अंधेरे में तड़पती रही जनता
शाम 6 बजे मरम्मत की औपचारिकता शुरू हुई और रात 12 बजे जाकर कहीं बिजली आई। तब तक गांव के बच्चे पसीने में बिलबिलाते रहे, मरीज अंधेरे में तड़पते रहे और रोज़ कमाने-खाने वाले परेशान होते रहे।
हर दिन की कहानी बन चुकी है बिजली की किल्लत
स्थानीय लोगों का आरोप है कि JE की लापरवाही नई बात नहीं है। रोजाना 13-14 घंटे ही बिजली मिलती है, जबकि सरकार 18 घंटे आपूर्ति का दावा करती है। अवैध कनेक्शन, ओवरलोडिंग और जर्जर तारों की समस्या अब जानलेवा बन चुकी है, लेकिन जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं।
उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा, प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मनमानी करने वाले JE पर कड़ी कार्रवाई की जाए और बिजली व्यवस्था में सुधार लाया जाए। लोगों का साफ कहना है कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
सवालों के घेरे में बिजली विभाग
JE आखिर जनता के फोन क्यों नहीं उठाते?
छह घंटे बिजली गुल रहने के बाद मरम्मत क्यों शुरू हुई?
रोज़ाना घंटों बिजली क्यों काटी जाती है?
प्रशासन कब तक आंख मूंदे रहेगा?
जन एक्सप्रेस का सवाल – “बिजली के नाम पर अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है जौनपुर?”
सरकार और प्रशासन को चेतावनी – अब जनता चुप नहीं बैठेगी!






