जौनपुर ARTO कार्यालय के बाबू की कार पर अवैध नंबर प्लेट, परिवहन नियमों पर उठे सवाल

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर में परिवहन नियमों को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ओर प्रदेश में अवैध नंबर प्लेट और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर परिवहन विभाग के ही एक कर्मचारी की गाड़ी पर अवैध नंबर प्लेट लगे होने का आरोप सामने आया है। इस घटना के बाद लोगों में चर्चा और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है।
दरअसल, प्रदेश की उत्तर प्रदेश सरकार और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह लगातार यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और अवैध नंबर प्लेट के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं। लेकिन जौनपुर में सामने आए इस मामले ने “दीया तले अंधेरा” वाली कहावत को सच साबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, जौनपुर के ARTO कार्यालय में रजिस्ट्रेशन बाबू के पद पर तैनात गणेश दत्त मिश्रा अपनी सफेद रंग की टाटा कार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिस पर लगी नंबर प्लेट नियमों के अनुरूप नहीं बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वाहन पर “UP 14 GD 20” नंबर लिखा हुआ है, जिसमें मानक के अनुसार आवश्यक संख्या प्रारूप का पालन नहीं किया गया है।
इतना ही नहीं, आरोप है कि गाड़ी की नंबर प्लेट पर उत्तर प्रदेश सरकार का लोगो भी लगाया गया है, जबकि निजी वाहनों पर सरकारी प्रतीक या लोगो लगाना नियमों के विरुद्ध माना जाता है।
नियम लागू कराने वाले ही नियम तोड़ते नजर आए
सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि जिस विभाग का काम वाहनों का रजिस्ट्रेशन करना और सही नंबर प्लेट सुनिश्चित करना है, उसी विभाग का एक कर्मचारी कथित रूप से नियमों की अनदेखी करता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां आम नागरिकों की गाड़ियों पर छोटी सी गलती होने पर पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा चालान काट दिया जाता है, वहीं विभाग के ही कर्मचारी पर कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।
सोशल मीडिया पर चर्चा और जनता के सवाल
यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या परिवहन विभाग के नियम केवल आम जनता के लिए ही लागू होते हैं?
लोग यह भी पूछ रहे हैं कि क्या जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारी इस मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करेंगे या फिर यह मामला भी यूं ही दब जाएगा।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर
अब इस पूरे मामले में सबकी नजर जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी पर भी वही कार्रवाई होनी चाहिए, जो आम नागरिकों के साथ की जाती है।
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि वीडियो और खबर सामने आने के बाद जौनपुर प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या विभाग अपने ही कर्मचारी पर नियमों के अनुसार कार्रवाई करता है या नहीं।







