1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए स्टांप विभाग के एआईजी
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख: विभाग में जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी

जन एक्सप्रेस लखनऊ।शामली में स्टांप विभाग के सहायक महानिरीक्षक निबंधन रविन्द्र मेहता और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को एक लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। दोनों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
घूस लेते ही के पकड़े गए दोनों कर्मचारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहायक महानिरीक्षक निबंधन रविन्द्र मेहता और सेवा प्रदाता कंप्यूटर ऑपरेटर अश्विनी कुमार को घूस लेते समय एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा। 9 दिसंबर 2025 को थाना आदर्शनगर, शामली में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद रविन्द्र मेहता को गिरफ्तार कर 10 दिसंबर को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मंत्री ने कहा– भ्रष्टाचार पर किसी प्रकार की रियायत नहीं
स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति शत-प्रतिशत लागू रहेगी और जनता के हित के विरुद्ध किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य करने के निर्देश
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य अधिकतम पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ किए जाएँ, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए अगली तिथि 23 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है, जिसमें प्रकरण की आगामी सुनवाई की जाएगी।






