धराली में तबाही के बाद राहत: CM धामी आपदा क्षेत्र के दौरे पर रवाना
बादल फटने से मची तबाही, 4 की मौत, 60 से अधिक लापता , प्राचीन कल्प केदार मंदिर मलबे में दबा

जन एक्सप्रेस उत्तराखंड: उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार दोपहर लगभग 1:45 बजे एक विनाशकारी बादल फटने की घटना ने पूरे क्षेत्र में कहर बरपा दिया। हर्षिल के पास खीर गंगा नदी में आई अचानक बाढ़ और मलबे के तेज प्रवाह ने घर, होटल और दुकानें बहा दीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कम से कम 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें पास के एक सैन्य शिविर के 8-10 भारतीय जवान भी शामिल हैं।
प्राचीन शिव मंदिर कल्प केदार भी चपेट में
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आपदा में धराली गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर ‘कल्प केदार’ भी मलबे में दब गया है। यह मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता था।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, रास्ते बंद
रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना, NDRF, SDRF, ITBP और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश और सड़कें टूटने के कारण राहत कार्य बाधित हो रहा है। धराली को उत्तरकाशी मुख्यालय से जोड़ने वाला गंगोत्री हाईवे का 150 मीटर हिस्सा भटवाड़ी के पास बह गया है, जिससे प्रशासनिक टीमें भी मौके पर नहीं पहुंच सकी हैं।
मुख्यमंत्री धामी का दौरा, PM मोदी का समर्थन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली के लिए रवाना हो गए हैं। वे ग्राउंड जीरो पर जाकर राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा पर गहरी चिंता जताई है और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। प्रभावित लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए गए हैं, और AIIMS ऋषिकेश में घायलों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
यातायात स्थिति
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग: नगुण, धरासू, नालू पानी, पापड़ गाड़, गंगनानी, सोन गाड़ समेत कई स्थानों पर अवरुद्ध।
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग: फिलहाल सुचारु रूप से चालू।
बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग: चार स्थानों पर मलबा आने के कारण बंद।
BRO द्वारा युद्धस्तर पर मार्ग खोलने का कार्य किया जा रहा है।
हवाई मदद तैयार जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर राहत सामग्री और टीमों के साथ हेलिकॉप्टर तैनात हैं, जो मौसम साफ होते ही उड़ान भरने के लिए तैयार हैं।






