लखनऊ पीठ में SDM Preeti Tiwari ने किया प्रशासनिक दबाव का खुलासा

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: Allahabad High Court की लखनऊ पीठ में अमेठी से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। अदालत के निर्देश पर पेश हुई गौरीगंज तहसील की एसडीएम Preeti Tiwari ने सुनवाई के दौरान प्रशासनिक दबाव की बात कही।मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति Jaspreet Singh की अदालत में हो रही थी। अदालत ने पहले ही आदेश दिया था कि संबंधित एसडीएम व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर मामले से जुड़े रिकॉर्ड और हलफनामा प्रस्तुत करें।
सूत्रों के अनुसार अदालत में अपनी बात रखते हुए एसडीएम प्रीति तिवारी ने कहा कि वह किस तरह के दबाव में काम करती हैं, यह वही जानती हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जिलाधिकारी और भाजपा के एक एमएलसी की ओर से लगातार दबाव बनाया जाता है, जिसके कारण कई बार प्रशासनिक कार्य करना कठिन हो जाता है।यह मामला रिट–सी संख्या 2265/2026 ओम प्रकाश व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य से संबंधित है। अदालत ने इस प्रकरण में पहले दिए गए अंतरिम आदेश को जारी रखते हुए संबंधित दस्तावेज रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम के इस बयान के बाद प्रशासनिक तंत्र पर राजनीतिक दबाव को लेकर नई बहस छिड़ गई है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी Alankar Agnihotri के इस्तीफे के बाद भी इसी तरह के आरोप चर्चा में आए थे, जिसमें उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव में काम कराने की बात कही थी।अदालत में उठे इस मुद्दे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों पर बढ़ता दबाव अब न्यायालय तक पहुंचने लगा है। फिलहाल इस मामले पर प्रशासन और सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, जबकि अदालत की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।






