
जन एक्सप्रेस/हरिद्वार: गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जन्मशताब्दी चिकित्सालय और हिमालयन हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शांतिकुंज के नियमित साधकों, विभिन्न साधना सत्रों और प्रशिक्षण शिविरों में आए प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और रक्तदान कर मानव सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश की।
“रक्तदान सबसे बड़ा दान है” – डॉ. चिन्मय पण्ड्या
रक्तदान शिविर का शुभारंभ देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर युवाओं और साधकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:
“रक्तदान दुनिया का सबसे बड़ा दान है। हमारा थोड़ा सा रक्त किसी गंभीर जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। युवाओं को आगे आकर समय-समय पर ऐसे सामाजिक और मानवीय कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।”
करीब 100 लोगों ने किया महादान
चिकित्सालय प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार:
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इस शिविर के दौरान लगभग 100 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।
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एकत्रित किए गए रक्त को हिमालयन हॉस्पिटल, जौलीग्रांट की ब्लड बैंक टीम को सौंप दिया गया है, ताकि इसे आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद मरीजों के काम में लाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय (DSVV) और शांतिकुंज आश्रम परिसर में समय-समय पर इस तरह के परोपकारी रक्तदान शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाता रहता है।
शिविर में ये रहे उपस्थित
इस मानवीय संवेदना से भरे कार्यक्रम के सफल आयोजन में जन्मशताब्दी चिकित्सालय की प्रभारी डॉ. मंजू चौपदार, हिमालयन हॉस्पिटल की टीम से डॉ. वीणा, डॉ. लतिका, सुधीर जोशी सहित अनेक डॉक्टर और वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे।






