बहन के कत्ल के गुनाहगार भाई, बहनोई और दोस्त को उम्रकैद की सजा

जन एक्सप्रेस /हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर राठ की छोटी जुलहटी में 13 अक्टूबर 2022 को दिन के करीब 4.30 बजे उस वख्त अफरातफरी मच गई, जब कस्बे के ही 23 वर्षीय रौशन खान नामक युवक ने अपनी सगी बहन रौशनी के कहने पर अपने बहनोई और ड्राइवर दोस्त के साथ मिलकर अपनी ही 28 वर्षीय चचाजा़त बेवा बहन को घर में घुसकर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था, जबकि कत्ल की वारदात की बड़ी वजह, कातिल रौशन खान के सगे बहनोई तौजीफ से मृतिका चचाजा़त बहन के नाजायज ताल्लुक़ात का शक होना था। वही वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों कातिल मौके से फरार हो गये थे, जबकि वारदात की जानकारी मिलते ही मृतक शहनाज के पिता महमूद खां बिना देर किये आनन फानन में घर पहुँचे, और अपनी जख्मी बेटी को बिना देर किये अस्पताल लेकर भागे, लेकिन शायद कुदरत को कुछ और ही मंजूर था, क्योंकि अस्पताल के डाक्टरों ने जख्मी महिला को देखते ही मृत घोषित कर दिया था। वही इस दर्दनाक मामले की जानकारी देते हुये डीजीसी राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि 11 अक्टूबर 2022 को मृतक 28 वर्षीय बेवा शहनाज खातून के पिता महमूद खां ने राठ कोतवाली में लिखित तहरीर देते हुये कहा था कि उनकी 28 वर्षीय बेवा बेटी उनके साथ ही घर में अपनी छै साल की बेटी के साथ रहती थी, जबकि उनके छोटे भाई नसीम की बेटी रोशनी को शक था कि उसके 37 वर्षीय शौहर तौजीफ के उनकी बेवा बेटी शहनाज खातून से नाजायज ताल्लुक़ात है। बस इसी बात पर अपनी सगी बहन रोशनी के कहने पर भाई रोशन खान ने अपने सगे बहनोई और ड्राइवर दोस्त के साथ घर में घुसकर इस दर्दनाक वारदात को अंजाम दे डाला और मौके से फरार हो गये, वही राठ कोतवाली पुलिस ने मृतिक के पिता की तहरीर पर कस्बे के बड़ी जुलहटी निवासी 23 वर्षीय रोशन खान, 22 वर्षीय शाहबाज जबकि 37 वर्षीय तौजीफ के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या–552/2022- धारा-452, 302,34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू करते हुये, 13 अक्टूबर 22 को मुख्बिर की इत्तिला पर मल्होवा मोड़ बाईपास के पास से वारदात के तीनों मुल्जिमों को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि मुल्जिमों की निशानदेही पर वारदात को अंजाम देने वाले आलाकत्ल 315 बोर का अवैध असलहा और खाली खोखा पुलिया के नीचे से काली पन्नी में बरामद कर पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया, वही अदालत ने इस दर्दनाक वारदात को अंजाम देने वाले तीनों मुल्जिमों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था। जबकि इस दर्दनाक वारदात की जांच राठ कोतवाली में तैनात क्राईम इंस्पैक्टर रनवीर सिंह ने पूरी करने के बाद अदालत में तीनों मुल्जिमों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करदी थी, वही आप्रेशन कनविक्शन के तहत हमीरपुर की जिला अदालत के स्कालर जज मनोज कुमार राय ने इस दर्दनाक मामले में दिये गये
अपने अहम फैसले में तीनों मुल्जिमों को गुनाहगार मानते हुये उम्रकैद की सजा के साथ ही 74 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जबकि जुर्माने की आधी रकम यानि सैंतीस हजार रुपये कत्ल की वारदात का शिकार महिला शहनाज खातून की 6 वर्षीय बेटी इल्मा को देने का आदेश दिया। वहीं इस दर्दनाक मामले की अभियोजन की तरफ से अदालत में जोरदार पैरवी करते हुये डीजीसी राजेश कुमार शुक्ला ने अपनी दमदार दलीलों से बचाव पक्ष की दलीलों को पूरी तरह से कमजोर साबित कर दिया। जबकि डीजीसी राजेश कुमार शुक्ला की दमदार पैरवी की बदौलत ही तीनों मुल्जिमों को उम्रकैद की सजा के साथ ही चौहत्तर हजार रुपये का जुर्माना मुमकिन हो सका।






