क्षेत्रीय फल-सब्जी व फूल प्रदर्शनी में आईसीएआर-एनबीएफजीआर के संविदा बागवानी कर्मियों का कौशल उन्नयन दौरा
राजभवन में पुष्प सज्जा और नवीन बागवानी तकनीकों से मिली नई प्रेरणा

जन एक्सप्रेस/लखनऊ।अनुसूचित जाति समुदाय के कर्मचारियों के कौशल उन्नयन और एक्सपोज़र के उद्देश्य से एससीएसपी सब-प्लान प्रोजेक्ट के तहत आईसीएआर-नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज (एनबीएफजीआर), लखनऊ की एक टीम ने आज राजभवन (जन भवन), राज्यपाल आवास का दौरा किया। यहाँ 6 से 8 फरवरी 2026 तक आयोजित 57वीं क्षेत्रीय फल, सब्जी और फूल प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया।यह वार्षिक प्रदर्शनी अपने ऐतिहासिक परिसर और सुसज्जित उद्यानों के लिए जानी जाती है, जहाँ भव्य फूलों की सजावट, रचनात्मक व्यवस्थाएँ और नवीनतम बागवानी तकनीकों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया है।आईसीएआर-एनबीएफजीआर की टीम में छह महिला एवं 14 पुरुष संविदा बागवानी कर्मचारी शामिल थे। प्रतिभागियों ने फूलों की विविध सजावट को नज़दीक से देखा और फूलों व गमलों की रचनात्मक व्यवस्था के लिए नए-नए विचार प्राप्त किए।
प्राकृतिक सामग्री से बनी पुष्प कला रही आकर्षण का केंद्र
टीम विशेष रूप से प्राकृतिक सामग्रियों के नवोन्मेषी उपयोग से प्रभावित हुई। सूखी पत्तियों से बनाई गई मछली आकृतियाँ, तथा पूरी तरह फूलों से निर्मित क्लाउन फिश, स्टारफिश और डॉल्फिन की विशाल पुष्प मूर्तियाँ प्रतिभागियों के लिए खास आकर्षण रहीं। इन कलात्मक कृतियों ने कर्मचारियों को व्यावहारिक पुष्प साज-सज्जा सीखने और स्वयं डिज़ाइन तैयार करने की प्रेरणा दी।
कौशल विकास और सतत प्रथाओं को बढ़ावा
यह एक्सपोज़र दौरा संस्थान के कौशल संवर्धन, रचनात्मकता विकास और सतत बागवानी प्रथाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत आईसीएआर-एनबीएफजीआर की निदेशक डॉ. काजल चक्रबर्ती ने सभी प्रतिभागियों को इको-फ्रेंडली किट वितरित की, जिसमें जूट बैग, स्टील की बोतलें और कैप शामिल थीं, ताकि पर्यावरण-अनुकूल आदतों को बढ़ावा दिया जा सके।






