जौनपुर में समाजसेवी मोहम्मद सलीम अहमद ने आयोजित की रोज़ा इफ्तार पार्टी, लोगों ने मांगी अमन और भाईचारे की दुआ

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर के बक्शा स्थानीय मोहल्ला के शम्भूगंज बाजार मस्जिद में समाजसेवी मोहम्मद सलीम अहमद द्वारा आयोजित रोज़ा इफ्तार पार्टी में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस कार्यक्रम ने न केवल रोजेदारों को इफ्तार का अवसर दिया बल्कि समाज में भाईचारा, मोहब्बत और सौहार्द का संदेश भी फैलाया।
रमजान का पाक महीना और संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत मजलिस से हुई, जिसमें मौलाना नीजामुदीन साहब ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना सब्र, इबादत और जरूरतमंदों की मदद का पैगाम देता है। इस पवित्र महीने में इंसान को अपने अंदर अच्छाइयों को बढ़ाने और समाज में भाईचारा कायम करने का प्रयास करना चाहिए।
मौलाना नीजामुदीन साहब ने कहा कि रोज़ा केवल भूख और प्यास सहने का नाम नहीं है, बल्कि यह इंसान को सब्र, तकवा और इंसानियत की राह पर चलना सिखाता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को रोज़े की फजीलत और अहमियत पर विस्तृत जानकारी दी।
सामूहिक इफ्तार और समाज में भाईचारा
मजलिस के बाद नमाज़ अदा की गई, जिसकी इमामत मौलाना ने स्वयं करवाई। नमाज़ के बाद, रोजेदारों और मेहमानों ने सामूहिक रूप से इफ्तार किया। इफ्तार में खजूर, फल, शरबत और अन्य पारंपरिक व्यंजन परोसे गए, जिससे सभी उपस्थित लोगों ने रमजान के पाक माहौल का अनुभव किया।
समाजसेवी मोहम्मद सलीम अहमद ने कहा कि ऐसे इफ्तार कार्यक्रम समाज में एकता, प्रेम और सौहार्द को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रमजान का महीना इंसान को सहिष्णुता, सेवा भाव और भाईचारे का संदेश देता है।
समाजिक योगदान और सकारात्मक संदेश
इस इफ्तार कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रोजेदारों को भोजन प्रदान करना नहीं था, बल्कि यह समाज में आपसी भाईचारे और प्रेम को मजबूत करने का माध्यम भी था। मोहम्मद सलीम अहमद ने कहा कि ऐसे सामूहिक आयोजन समाज में सकारात्मक माहौल बनाने और लोगों को समानता, मानवता और इंसानियत के मूल्यों की याद दिलाने में मदद करते हैं।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भी देश में अमन, चैन और भाईचारे की दुआ की। इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि समाज में सहयोग और एकता को भी बढ़ावा देते हैं।






