उत्तर प्रदेशहमीरपुर

पत्नी के कत्ल के गुनहगार पति-देवर को उम्रकैद, ₹40,000 का जुर्माना भी

जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश शुक्ला की दमदार पैरवी की बदौलत दोनों गुनाहगारों को हो सकी उम्रकैद की सजा

जन एक्सप्रेस/हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्र बुन्देलखण्ड के हमीरपुर मौदहा के फत्तेपुर में उस वक्त हडकंप मच गया, जब 3 फरवरी 2015 को 3 बजे दिन के करीब 28 वर्षीय शादी शुदा महिला भारती की ससुराल में मौत होने की खबर मौदहा के ही कम्हरिया निवासी उसके भाई कौशल को मिली, खबर मिलने के बाद बड़ी ही हिम्मत का परिचय देते हुये भाई कौशल खामोशी के साथ अपनी बहन की ससुराल पहुंचा और बहन की मौत की असलियत जानने की कोशिश करने लगा। इसी बीच उसे पता चला कि ससुराल वाले उसकी बहन से बिजनेस करने के लिये एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे, जबकि रुपये न मिलने पर ससुराल वालों ने गला दबाकर उसका कत्ल कर दिया। वही मामले की खास जानकारी देते हुये जिला शासकीय अधिवक्ता क्रिमनल राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि उक्त जानकारी के बाद भाई कौशल उर्फ कल्लू ने 4 जुलाई 2015 को मौदहा कोतवाली पहुंचकर अपनी बहन के 38 वर्षीय पति राजकुमार उर्फ राजू जबकि 48 वर्षीय देवर जय राजू, वही 85 वर्षीय सास सुखदेई सहित ममता के खिलाफ तहरीर देकर बताया था कि, उसने अपनी 28 वर्षीय बहन भारती की शादी 23 जून 2012 को फत्तेपुर के राजकुमार उर्फ राजू के साथ की थी, शादी के कुछ साल बाद उसकी बहन भारती ने घर आने पर उसे बताया था कि, ससुराल वाले उस्से आये दिन बिजनेस के लिये एक लाख रुपये की मांग करने के साथ ही उसके साथ आये दिन मारपीट करते हैं, जिसके बाद उसने बहन के घर जाकर ससुराल वालों को कई बार समझाया भी था, लेकिन ससुराल वाले समझने को तैय्यार नहीं थे, जबकि उसके पास उनको देने के लिये एक लाख रुपया मौजूद नहीं था। जिसके बाद बहन की ससुराल वालों ने उसका गला घोंटकर कत्ल कर दिया। शिकायत कर्ता ने तहरीर देकर मामला दर्ज कर सख्त कार्यवाही किये जाने की मांग की थी। जबकि तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने 4 फरवरी 2015 को करीब 9:40 बजे चारों अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या- 109/2015- धारा 498ए, 304 बी, आईपीसी सहित 3/4 डावरी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के बाद मौके पर पहुँचकर बारीकी से जांच कर एवीडेंस जुटाने के साथ ही पंचनामा भरकर लाश को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतिका की मौत गला घुटने से होना बताया गया था, वही मामले की जांच तत्कालीन मौदहा सीओ यशवीर सिंह ने पूरी करने के बाद मृतिका के पति राजकुमार, देवर जयराजू सहित सास सुखदेई के खिलाफ धारा 498ए, 304 बी आईपीसी के साथ ही 3/4 डावरी एक्ट के तहत अदालत में चार्जशीट दाखिल करदी थी, जबकि मामले की चौथी अभियुक्ता ममता के खिलाफ जांच के दौरान सुबूत न मिलने पर उसका नाम हटा दिया गया था। वही आप्रेशन कनविक्शन के तहत हमीरपुर की सत्र अदालत के स्कालर जज मनोज कुमार राय ने इस मामले का अहम फैसला देते हुये मृतिका भारती के पति और देवर को उम्रकैद की सख्त सजा के साथ ही बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना किया गया, जबकि फैसले में ये भी कहा गया कि दोनों गुनाहगारों के जुर्माना अदा न करने पर 6-6 महीने की सजा और काटनी पडे़गी। वही अदालत में चली अभियोजन और बचाव पक्ष की जोरदार बहस के दौरान ये बात साबित नहीं हो सका, कि भारती के कत्ल के दौरान सास सुखदेई मौके पर मौजूद थीं, जिसके बाद सुबूत के अभाव में उन्हें बेगुनाह मानते हुये स्कालर जज ने रिहा कर दिया।

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