ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त रुख, स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: डीएम दिनेश चन्द्र के कड़े निर्देश

जन एक्सप्रेस/ जौनपुर: जौनपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में यातायात व्यवस्था, ड्रिंक एंड ड्राइव, स्कूली बसों की फिटनेस और सड़क मरम्मत जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ड्रिंक एंड ड्राइव पर कड़ी निगरानी के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ड्रिंक एंड ड्राइव मामलों में अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि परिवहन विभाग की बसों के चालक किसी भी परिस्थिति में शराब पीकर वाहन न चलाएं, इसके लिए नियमित चेकिंग और मेडिकल परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जेसीज चौराहे की अव्यवस्था पर नाराजगी
बैठक में जेसीज चौराहे पर अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहनों का मुद्दा भी उठाया गया। जिलाधिकारी ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने यातायात विभाग को निर्देश दिया कि चौराहे की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त की जाए। इस पर एआरटीओ ने आश्वासन दिया कि जल्द ही संबंधित कार्रवाई कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाएगा।
कुत्तूपुर चौराहे के गड्ढों की तत्काल मरम्मत
डीएम ने कुत्तूपुर चौराहे के पास सड़क पर बने गड्ढों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाएं बढ़ती हैं, जिसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
स्कूली बसों की सुरक्षा पर विशेष जोर
विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि केवल फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त बसों को ही संचालन की अनुमति दी जाए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि
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स्कूली बसें बिना फिटनेस के सड़क पर न उतरें
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बच्चों को बस से सड़क किनारे न उतारा जाए
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बच्चों का चढ़ना-उतरना केवल विद्यालय परिसर के भीतर ही हो
डीएम ने कहा कि बच्चों का जीवन अनमोल है, इसलिए स्कूली वाहनों में किसी भी तरह की लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश
बैठक में जनपद के सभी स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं यह सुनिश्चित करें कि
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बच्चे सड़क पर न उतारे जाएं
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यातायात नियमों का पालन हो
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बसों में चालक और परिचालक पूरी तरह प्रशिक्षित हों
उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय की ओर से लापरवाही सामने आती है तो स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाएगी।
सख्त अनुपालन के निर्देश
जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियम केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे।
बैठक में रहे ये अधिकारी उपस्थित
इस संयुक्त बैठक में परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सुरक्षित सड़क, सुरक्षित भविष्य
बैठक के अंत में डीएम ने कहा कि सड़क सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, और इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।






