
जन एक्सप्रेस/ नई टिहरी: उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ की अपनी 27 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू की गई हड़ताल बृहस्पतिवार को भी जारी रही। टिहरी जनपद के नई टिहरी में लोक निर्माण विभाग (PWD) के निरीक्षण भवन के प्रांगण में बड़ी संख्या में कनिष्ठ अभियंता धरने पर बैठे रहे। वक्ताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी जायज मांगें नहीं मानती, तब तक कार्यबहिष्कार और आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
धरना स्थल पर वक्ताओं ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महासंघ की मांगों को लेकर शासन स्तर पर कई बार वार्ता हुई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम न उठाए जाने के कारण इंजीनियरों को मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा है।
इंजीनियरों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट किया है कि विभाग के सुचारू संचालन के लिए कनिष्ठ अभियंताओं का संतुष्ट होना आवश्यक है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
-
वेतन विसंगति: कनिष्ठ अभियंताओं के लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति (Salary Anomaly) को तुरंत दूर किया जाए।
-
पदोन्नति वेतनमान: डिप्लोमा इंजीनियर्स को 26 वर्ष की संतोषजनक सेवा के बाद उच्च पदोन्नति वेतनमान प्रदान किया जाए।
-
ग्रेड पे (ACP): वर्ष 2014 के बाद नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को प्रथम एसीपी (ACP) के रूप में 5400 का ग्रेड पे दिया जाए।
-
पुरानी पेंशन (OPS): प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था को फिर से बहाल किया जाए।
-
स्थानांतरण एक्ट: स्थानांतरण अधिनियम में ‘अति दुर्गम’ श्रेणी हेतु आवश्यक संशोधन किए जाएं।
आंदोलन में ये रहे शामिल
बृहस्पतिवार को हुए इस प्रदर्शन में जनपद के विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर शामिल हुए। इस अवसर पर इंजीनियर संजय डुकलान, सतीश भट्ट, लघु सिंचाई से त्र्यंबक गैरोला, मोहन सिंह, गोपाल सैनी, शशांक बधा, जयप्रकाश, एस. पोखरियाल, दुर्गेश कुमार, राजेंद्र सोढ़ी, स्वाति चौहान, ममता पवार और अनिल कुमार सहित कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।






