जौनपुर में मनरेगा खत्म करने के विरोध में कांग्रेस का जोरदार धरना
पूंजीपतियों के हित में मजदूरों को गुलाम बनाना चाहती है मोदी सरकार : डा. प्रमोद कुमार सिंह

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को खत्म किए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। धरने का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा०प्रमोद कुमार सिंह ने किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए मनरेगा कानून को तत्काल बहाल करने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए डा०प्रमोद कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार उद्योगपतियों और कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी कानून को समाप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण गरीब, मजदूर, श्रमिक और महिलाएं गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रही हैं।
यूपीए सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री डा०मनमोहन सिंह द्वारा लागू किया गया मनरेगा कानून केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और रोजगार की गारंटी देने वाला क्रांतिकारी कदम था। इस कानून ने गांवों के अकुशल मजदूरों को सम्मानजनक रोजगार प्रदान किया। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लाई गई नई योजना जी रामजी की आलोचना करते हुए कहा कि यह कानून पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी द्वारा पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों को दिए गए अधिकारों को सीमित करेगा। इससे गांवों का विकास बाधित होगा, पंचायतें स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पाएंगी और ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिलेगा। डा०सिंह ने इसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों का अपमान बताया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। देश की राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है, महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और विपक्ष की आवाज दबाकर लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “मनरेगा कानून बहाल करो” के नारे लगाए।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मनरेगा बचाओ संग्राम के जिला को-ऑर्डिनेटर डा. राकेश मिश्र मंगला गुरु, अली अंसारी सब्बल, देवराज पांडेय, विनय तिवारी, राकेश सिंह डब्बू, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रेखा सिंह, लाल प्रकाश पाल, शिव मिश्रा, अरुण शुक्ला, राजीव निषाद, देवेंद्र मिश्रा, प्रवेश निषाद, रामसिंह बांकुरे, राजकुमारी मिश्रा, अरविंद कुमार, महात्मा शुक्ला, अर्सलान खान, नरेंद्र प्रताप, जयप्रकाश मिश्रा, अनिल सोनकर, जब्बार अली सलमानी, आरिफ सलमानी, दीपक भट्ट, असरफ अली, मु. ताहिर, अनिल दूबे आजाद, ललित चौरसिया, इरशाद खान, जयराम सरोज, विजय यादव, लोकेश दूबे, शैलेश तिवारी, मीना देवी, चंपा देवी सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।






