सेना में 30 साल सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए सूबेदार भगवत प्रसाद मिश्र, अमेठी में हुआ भव्य स्वागत

जन एक्सप्रेस/अमेठी: भारतीय सेना में तीन दशक तक देश की सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त हुए सूबेदार भगवत प्रसाद मिश्र का शनिवार को अमेठी में भव्य स्वागत किया गया। क्षेत्रवासियों ने फूल-मालाओं और उपहारों के साथ उनका सम्मान किया और उनके समर्पण को सलाम किया।
सिपाही से सूबेदार तक का सफरअमेठी के बिसेन धनापुर गांव के निवासी भगवत प्रसाद मिश्र ने 1995 में भारतीय थल सेना में सिपाही के रूप में भर्ती होकर अपनी सैन्य यात्रा शुरू की।
अपनी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और बहादुरी से उन्होंने सूबेदार पद तक का सफर तय किया।सेवा के दौरान उन्हें कई मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सबसे पहले आवास विकास कॉलोनी में प्रवेश किया।
फिर देवी पाटन मंदिर और हनुमान गढ़ी में दर्शन किए।
पैतृक गांव धनापुर पहुंचने पर ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया और उनका अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।
सूबेदार भगवत प्रसाद मिश्र ने अपने संबोधन में कहा,
“देश की प्रगति हर नागरिक के हाथ में है। सभी को अपने स्तर से राष्ट्रहित में योगदान देना चाहिए।”इस सम्मान समारोह के दौरान भावुक क्षण देखने को मिले। उनकी पत्नी उपमा मिश्र, बेटा सौरभ और बेटी शालिनी इस गर्व के क्षण में भावुक हो गए।
इस अवसर पर कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे: कालिका प्रसाद मिश्र, हृदय शंकर तिवारी, जितेंद्र मिश्र,आदित्य मिश्र,रमेश शुक्ल,सर्वेश त्रिपाठी
ग्राम प्रधान कुंवर बहादुर सिंह व सैकड़ों ग्रामीणों ने जय हिंद के नारों के साथ भगवत प्रसाद मिश्र का अभिनंदन किया।यह सम्मान समारोह न केवल एक सेवानिवृत्त सैनिक के बलिदान और समर्पण को सम्मानित करने का अवसर था, बल्कि यह युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा बना कि राष्ट्र सेवा सर्वोच्च कर्तव्य है।






