सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा शीतला प्रसाद का चुनाव, प्रतिद्वंद्वी की याचिका खारिज

जन एक्सप्रेस/ प्रतापगढ़: जिले की नगर पंचायत कोहंडौर के चेयरमैन शीतला प्रसाद के निर्वाचन को लेकर चल रहा लंबा कानूनी विवाद अब समाप्त हो गया है। देश की सर्वोच्च अदालत ( सुप्रीम कोर्ट ) ने उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए शीतला प्रसाद के पक्ष में फैसला सुनाया है। इस फैसले से चेयरमैन और उनके समर्थकों को बड़ी राहत मिली है। बता दें कि निकाय चुनाव के परिणाम के बाद उपविजेता प्रत्याशी अमृत लाल ने शीतला प्रसाद के निर्वाचन को अवैध बताते हुए कानूनी चुनौती दी थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय से राहत न मिलने पर अमृत लाल ने 1 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने तर्कों को सुनने के बाद शीतला प्रसाद के निर्वाचन को पूरी तरह वैध करार दिया। कोर्ट ने माना कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं थी और इसी के साथ विपक्षी पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया गया। फैसले की सूचना मिलते ही कोहंडौर में चेयरमैन समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मामले की प्रभावी पैरवी चेयरमैन प्रतिनिधि किशन सोनी द्वारा की जा रही थी। जीत की खबर आते ही किशन सोनी के जनसंपर्क कार्यालय पर समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और आतिशबाजी कर इस जीत का जश्न मनाया। चेयरमैन प्रतिनिधि किशन सोनी ने कहा कि “सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं” ये कहावत एक बार फिर से चरितार्थ हुई है। न्यायालय के इस फैसले ने क्षेत्र की जनता के विश्वास का सम्मान किया है। अब हमारा पूरा ध्यान बिना किसी बाधा के नगर पंचायत कोहंडौर के चहुंमुखी विकास पर रहेगा।






