पीलीभीत न्यायपालिका के पंच परमेश्वरों में शुमार वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता कांग्रेस नेता जमुना प्रसाद पांडे पंचतत्व में विलीन
मुक्तिधाम पर पौत्र ऋषभ पांडेय ने सैकड़ो नम आंखों के बीच दिवंगत जमुना प्रसाद पांडे को दी अंतिम विदाई

जन एक्सप्रेस/अरुण भारद्वाज
पीलीभीत। जनपद मुख्यालय की न्यायपालिका में वकीलों के बीच पंच परमेश्वर में शुमार वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता कांग्रेस नेता जमुना प्रसाद पांडे का गत दिवस लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया आज मुक्तिधाम सैकड़ो आंखों के बीच उनके पौत्र ऋषभ पांडे ने दिवंगत 88 वर्षीय जमुना प्रसाद पांडे को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी उनके अंतिम संस्कार में सैकड़ो अधिवक्ता समाजसेवी, चिकित्सक, राजनेता, व्यापारी, शिक्षक ने शामिल होकर अंतिम विदाई दी।
जमुना प्रसाद पांडे का जन्म बीसलपुर तहसील के ग्राम अखोली के कृषक स्वर्गीय भगवान दास पांडे के धर्म परायण परिवार में हुआ जीएफ कॉलेज शाहजहांपुर से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय से विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त कर सन 1961 से शाहजहांपुर में विधि व्यवसाय की शुरुआत की बाद में 1963 में पीलीभीत आकर विधि व्यवसाय शुरू किया उनका विवाह श्रीमती मालती पांडे के साथ हुआ। उनके दो बेटे सत्यव्रत पांडे एडवोकेट तथा स्वर्गीय सत्यजीत पांडे एडवोकेट एक दिवंगत पुत्री डॉक्टर सरिता पांडे दूसरी पुत्री दो डॉ हेमवाला पांडे संस्कृत प्रोफेसर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी तीसरी पुत्री डॉ प्रियंका पांडे सत्यव्रत पांडे की पत्नी दीप्ति पांडे सत्यजीत पांडे का एकमात्र पुत्र अभिनव पांडे हैदराबाद में अपने मामा के यहां शिक्षा प्राप्त कर रहा है।
दिवंगत जमुना प्रसाद पांडे ने प्रथम प्रयास में ही 1962 में चीन वार में सेकंड लेफ्टिनेंट का कमीशन हासिल कर लिया था किंतु उनके पिता ने उन्हें सैनिक की नौकरी करने नहीं भेजा। स्वर्गीय श्री पांडे हॉकी वॉलीबॉल के लखनऊ विश्वविद्यालय में कैप्टन रहे हरदोई वाले रामावतार दीक्षित लखनऊ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष थे जो बाद में कांग्रेस सरकार में उत्तर प्रदेश के पर्वतीय विकास मंत्री रहे उनके सखा जमुना प्रसाद पांडे छात्र संघ के महामंत्री रहे वह जीवन पर्यंत कांग्रेस से जुड़े रहे और जिला कमेटी में जिला महामंत्री रहे बाल्टन क्लब एवं रोटरी क्लब पीलीभीत हिंदी साहित्य परिषद हिंदी भवन से भी जमुना प्रसाद पांडे आजीवन जुड़े रहे। उनका विवाह 1962 में हुआ उनकी पत्नी के पिता फरीदपुर के चेयरमैन रहे।
उनके सगे मौसेरे साले पीलीभीत में ए डीएमपी रहे। उमेश तिवारी हैं। जमुना प्रसाद के बड़े भाई सियाराम पांडे 1948 बैच के पुलिस उप निरीक्षक थे जो इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत हुए। उनके भतीजे सर्वेश पांडे जिला जज से सेवानिवृत हुए दूसरे भतीजे सत्यदेव पांडे क्षेत्रीय महाप्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया से सेवानिवृत हुए यह दोनों लखनऊ में निवास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पीलीभीत कचहरी में वकीलों के बीच पंच परमेश्वर के रूप में बाबू त्रिलोकी नाथ एडवोकेट, महेश कुमार सक्सेना एडवोकेट, रघुवीर शरण भारद्वाज एडवोकेट, जमुना प्रसाद पांडे एडवोकेट एवं वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता विद्याधर पांडेय को पंच परमेश्वर के रूप में जाना जाता था। यह सारी जानकारी देते हुए जमुना प्रसाद पांडे के भांजे मुनेंद्र पाल अग्निहोत्री एडवोकेट ने पत्रकार अरुण भारद्वाज एडवोकेट को बताया कि उनके मामा के स्वर्गवास हो जाने से विधि व्यवसाय में अपूर्णनीय क्षति हुई है। जमुना प्रसाद पांडे को युगों तक याद किया जाएगा।
इधर रघुवीर चैरिटेबल ट्रस्ट एवं श्री ब्राह्मण सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष पत्रकार अरुण भारद्वाज एडवोकेट की अध्यक्षता में शोकसभा में दर्जनों अधिवक्ताओं, ब्रह्मजनो धीरेंद्र मिश्रा, विद्याधर पांडेय, विवेक पांडे, मुनेंद्र अग्निहोत्री, अजय किशोर शर्मा, रामावतार रस्तोगी, संजय बरूआ, सुनील दीक्षित, सचिन मिश्रा, वीर अनमोल सक्सेना, दिनेश यादव, अमित पाठक, अरुण मिश्रा, संतोष भारद्वाज, पुनीत भारद्वाज, प्रियम भारद्वाज, आदि ने दिवंगत जमुना प्रसाद पांडे को शोक संवेदना व्यक्त कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।






