तरबूज और खरबूजा, बढ़ते तापमान में जमकर हो रही खरीदारी

हरदोई : जिले में लगातार तापमान बढ़ रहा है। शुक्रवार को 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली पछुआ हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। गर्म हवाओं के चलते जिला का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने के लिए जगह-जगह तरबूज व खरबूजा बिक रहा है। हालांकि दौर महंगाई का है, लेकिन मौसमी फल की बिक्री जमकर हो रही है। यह जहां शरीर में पानी की कमी को दूर करता है, वहीं लू लपट से भी बचाव करते हैं।
जिले में लगातार तापमान का बढ़ना जारी है। दोपहर लोग बढ़े तापमान की वजह से सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। बाजारों में ग्राहकों के अभाव में दुकानदार झपकी मारते रहते हैं। इस भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने के लिए खरबूजा व तरबूज काफी सहयोग कर रहा है। जगह-जगह तरबूज व खरबूजे की बिक्री हो रही है। एक समय था जब पांच रुपये तरबूज में पूरा परिवार तरोताजा हो जाता था, लेकिन अब यह भी महंगाई से अछूता नहीं रह गया है। बाजार में 70 रुपये प्रति किलो तरबूज बिक रहा है, वहीं खरबूजा 55 से 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। शुक्रवार को जिले में 12 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। पछुआ हवा शरीर में पानी की कमी को बढ़ाती है। इसकी पूर्ति करने के लिए खरबूजा-तरबूज जैसे मौसमी फल काफी सहायक है। गंगा कटरी के किनारे बसे गांवों में तरबूज व खरबूजे की खेती बहुतायत होती है। आवारा जानवरों से जायद की इस फसल को बचाने के लिए भरी दोपहर में किसानों को गर्म रेत के किनारे डेरा डालना पड़ता है।
जिले में गंगा नदी के किनारे बसे गांवों में खरबूजा, तरबूज, ककड़ी व खीरा की पैदावार अच्छी होती है। शाहाबाद क्षेत्र में खीरा बहुतायत पाया जाता है। यह जिले से लेकर दूसरे जिलों तक अपनी पहुंच बनाए हुए है। गर्मी के मौसम में ठंडी तासीर की चीजों की मांग बेहद बढ़ गई है। महंगाई के बावजूद लोग मौसमी फल का आनंद लेने में पीछे नहीं है। नतीजतन गांव से लेकर शहर तक तरबूज-खरबूजा की भरमार है। हालांकि अभी इनके दाम ज्यादा हैं, लेकिन बढ़ रही गर्मी के कारण इनकी खपत भी लगातार बढ़ रही है।






