River Conservation
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उत्तरकाशी
पुराणों में गंगा दिव्यता, दर्शन और पर्यावरणीय चेतना की अविरल पावन धारा
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: हमारे पुराणों में गंगा का स्वरूप केवल एक भौगोलिक नदी के रूप में नहीं, बल्कि सृष्टि, जीवन और चेतना की आधारधारा के रूप में वर्णित किया गया है। पौराणिक संदर्भों में गंगा की उत्पत्ति, स्वरूप और महत्व को अत्यंत गूढ़ एवं दार्शनिक दृष्टि से स्पष्ट किया गया है, जो आधुनिक पर्यावरणीय सोच के साथ भी गहरा सामंजस्य स्थापित…
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