नदी तंत्र
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उत्तरकाशी
गंगा नदी का वैज्ञानिक सच: आत्मशुद्धि शक्ति और बढ़ता प्रदूषण संकट
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: गंगा को यदि केवल एक नदी कहा जाए, तो यह उसकी वास्तविक पहचान को सीमित कर देना होगा। गंगा दरअसल एक ऐसी निरंतर प्रवाहित जीवनधारा है, जो हिमालय की गोद से निकलकर मैदानों, नगरों, खेतों और अंततः सागर तक पहुँचते हुए अनगिनत जीवों, समाजों और पारिस्थितिक तंत्रों को जोड़ती है। यह नदी केवल जल का प्रवाह नहीं, बल्कि…
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