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बसुही नदी पर अस्थायी बांसपुल बना जोखिम, वर्षों से पक्का पुल की मांग कर रही हजारों की आबादी

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर बसुही नदी पर बना अस्थायी रपटा-बांसपुल धावा, सोनाई, भन्नौर, हैदरगंज, उमरम, धर्मदासपुर, कान्हवंसीपुर, चतुर्भुजपुर, पिपरिया, हरदुवारी, बेलवा और बडेरी सहित दर्जनों गांवों के लोगों के लिए आज भी जीवन-मौत का खेल साबित हो रहा है। दोनों तरफ पीडब्ल्यूडी के मार्ग होने के बावजूद धावा गांव से बेलवा बाजार (लगभग 5 किमी) और भन्नौर बाजार (2 किमी) तक पहुंचने के लिए हजारों लोग इसी अस्थायी पुल का सहारा लेते हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता जज सिंह ‘अन्ना’ ने शुक्रवार को धावा गांव पहुंचकर इस गंभीर समस्या का संज्ञान लिया। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 5 वर्ष पहले धावा गांव के पप्पू यादव व क्षेत्र के अन्य लोगों ने अपनी निजी धनराशि और ग्रामीणों के सहयोग से बसुही नदी पर चार पाये खड़े कराए थे, ताकि आगे चलकर एक पक्का पुल बन सके। लेकिन स्लैब डालने का काम आज तक नहीं हो सका।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 30 वर्षों से यह मांग लगातार उठाई जा रही है। पारसनाथ यादव के समय से लेकर अब तक कई सांसद और विधायक यहां भूमि पूजन कर जा चुके हैं, लेकिन पुल निर्माण आज तक शुरू नहीं हुआ। मजबूरी में ग्रामीण हर साल बांसपुल बनाकर आवागमन चलाते हैं।

स्थिति इतनी भयावह है कि रोज़ छोटे-छोटे बच्चे इसी पुल से स्कूल जाते हैं और कई बार नदी में गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, अब तक कई लोगों की जान भी जा चुकी है, जिसमें एक खटीक समाज के व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि की गई है।

स्थानीय लोगों ने उत्तर प्रदेश सरकार, जिलाधिकारी जौनपुर और पीडब्ल्यूडी विभाग से मांग की है कि इस अस्थायी पुल की जगह मानक के अनुसार सरकारी पक्का पुल तत्काल बनवाया जाए, जिससे क्षेत्र में विकास की राह खुले और लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।

बताया जा रहा है कि मड़ियाहूं व मछलीशहर क्षेत्र में बसुही नदी पर कुल 25 स्थानों पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित है।

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