
जन एक्सप्रेस/पौड़ी : पौड़ी शहर और उसके आसपास के रिहायशी इलाकों में पिछले कुछ समय से गुलदार (तेंदुए) की लगातार चहलकदमी और बंदरों के बढ़ते आतंक से स्थानीय नागरिक बेहद खौफजदा हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर सोमवार को नगर पालिका पौड़ी के सभासदों ने वन प्रभाग (DFO) गढ़वाल से मुलाकात की। सभासदों ने क्षेत्रवासियों को इस दहशत से निजात दिलाने सहित विभिन्न समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग उठाई है।
रिहायशी इलाकों में गुलदार की चहलकदमी से दहशत
डीएफओ गढ़वाल से मुलाकात के दौरान सभासदों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर और उसके आसपास के इलाकों में आए दिन गुलदार खुलेआम घूमते दिखाई दे रहे हैं।
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शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं।
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लगातार दिख रही इन गतिविधियों से पूरे शहर में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है, जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।
बंदरों के आतंक से लोग घायल, घरों में घुस रही टोलियां
गुलदार के अलावा सभासदों ने शहर में बंदरों के बढ़ते आतंक पर भी कड़ा रोष जताया। उन्होंने बताया कि:
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शहर में बंदरों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है।
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भोजन की तलाश में बंदरों की टोलियां आए दिन लोगों के घरों के अंदर तक घुस जा रही हैं।
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बंदरों के हिंसक हमले में आए दिन राहगीर और बच्चे घायल हो रहे हैं।
गिरने की कगार पर खड़े सूखे पेड़ों से हादसे का डर
गुलदार और बंदरों के आतंक के अलावा सभासदों ने एक और गंभीर मुद्दे की ओर डीएफओ का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि रिजर्व फॉरेस्ट और शहर के अन्य स्थानों पर कई विशालकाय पेड़ बेहद जर्जर और गिरने की स्थिति में आ चुके हैं। तेज हवा या बारिश में ये पेड़ कभी भी गिर सकते हैं, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। सभासदों ने इन्हें जल्द से जल्द कटवाने या छंटवाने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में ये सभासद रहे शामिल
डीएफओ गढ़वाल को ज्ञापन सौंपने और समस्याओं पर चर्चा करने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से सभासद गौरव सागर, युद्धवीर सिंह, बृजमोहन नेगी, शुभम रावत, रेखा देवी और प्रदीप असवाल सहित अन्य लोग शामिल थे।






