पागल कुत्ते का आतंक: 23 लोग घायल, दो दिन तक फैली दहशत

जन एक्सप्रेस/मानिकपुर/चित्रकूट।मानिकपुर तहसील क्षेत्र में पागल कुत्ते के आतंक से दो दिनों तक ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना रहा। रविवार और सोमवार को सरैया, हनुवा समेत आसपास के गांवों में एक पागल कुत्ते ने बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत करीब 23 लोगों को काटकर घायल कर दिया। सभी घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और जिला अस्पताल में चल रहा है।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और वन विभाग हरकत में आया। उपजिलाधिकारी मो. जसीम के नेतृत्व में वन विभाग की टीम और पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद कुत्ते को पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी, जिससे ग्रामीणों में डर और बढ़ गया।
सीएचसी और जिला अस्पताल में घायलों का इलाज
पागल कुत्ते के हमले में सरैया गांव की जयदेवी (40) पत्नी राजेंद्र कुमार, तीरथ (25) पुत्र राम कल्याण, रजनिया (60) पत्नी बदलुवा, कुंवरिया (60) पत्नी स्व. रामकिशन समेत कई लोग घायल हुए। सभी को तत्काल सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां एंटी-रेबीज इंजेक्शन और प्राथमिक उपचार दिया गया।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक करीब एक दर्जन से अधिक लोगों का सीएचसी में इलाज किया जा चुका है, जबकि गंभीर मामलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा प्रशासन और वन विभाग
पागल कुत्ते की सूचना पर सोमवार दोपहर उपजिलाधिकारी मो. जसीम, प्रभारी निरीक्षक श्री प्रकाश यादव तथा रानीपुर रिजर्व टाइगर प्रथम क्षेत्र के वनाधिकारी राजेश सोनकर वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने विनय नगर, काली घाटी, मंडी, जल संस्थान और सरैया क्षेत्र में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।रेस्क्यू के दौरान स्थानीय ग्रामीण भी टीम की मदद में आगे आए, लेकिन कुत्ता बार-बार स्थान बदलता रहा, जिससे उसे पकड़ना मुश्किल हो गया।
बच्चों को घर में रखने की अपील, दहशत का माहौल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे बच्चों को घर के अंदर रखें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। साथ ही कुत्ते से दूरी बनाए रखने और किसी भी काटने की घटना की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए।
दो दिनों तक क्षेत्र में फैली दहशत के कारण लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर रहे। खेतों और गलियों में आवाजाही लगभग ठप रही।
ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान, कुत्ता मार गिराया
लगातार हमलों और रेस्क्यू टीम की असफलता के बाद सोमवार देर शाम करीब 03 बजे गडरिया पुरवा के ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए पागल कुत्ते को घेर लिया और लाठियों से मारकर ढेर कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।हालांकि, इस घटना ने प्रशासन और नगर निकाय की पशु नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कुत्ते को पकड़ा जाता, तो इतने लोग घायल होने से बच सकते थे।इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर आवारा और पागल कुत्तों की समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता की जान जोखिम में न पड़े।






