नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 साल की सजा, ₹20 हजार जुर्माना

जन एक्सप्रेस/हमीरपुर: नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर ₹20,000 का जुर्माना भी लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
राठ कोतवाली क्षेत्र के धमना गांव निवासी ब्रजेन्द्र पाल ने अपनी 11 वर्षीय बेटी के साथ हुए दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। घटना 31 अगस्त 2023 की शाम करीब 4 बजे की है।
जब पीड़िता गाय चराकर घर लौट रही थी, तभी गांव के नन्दराम आवासीय स्कूल के सामने आरोपी शिवबालक (पुत्र राजाराम), जो स्कूल में चपरासी था, उसे अमरूद खिलाने के बहाने अपने घर ले गया।
वहां आरोपी ने नाबालिग के साथ जबरन दुष्कर्म किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। मौका मिलते ही पीड़िता वहां से भागकर घर पहुंची और पूरी घटना अपनी दादी को बताई।
पुलिस कार्रवाई और मुकदमा
पीड़िता के माता-पिता के लौटने के बाद कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ निम्न धाराओं में मामला दर्ज किया:
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धारा 376AB IPC
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धारा 506 IPC
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POCSO Act की धारा 5M/6
जांच के बाद तत्कालीन इंस्पेक्टर दिनेश कुमार पाण्डेय ने चार्जशीट दाखिल की।
अदालत का फैसला
मामले की सुनवाई स्पेशल POCSO कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी अवध नरेश चन्देल ने प्रभावी पैरवी की।
स्कॉलर जज कीर्ति माला सिंह ने आरोपी को दोषी करार देते हुए:
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20 साल की सख्त सजा
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₹20,000 का जुर्माना
सुनाया।
ऑपरेशन कन्विक्शन का असर
यह फैसला “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत मजबूत पैरवी और साक्ष्यों के चलते संभव हो पाया, जिससे पीड़िता को न्याय मिला।






