उत्तराखंड

पिथौरागढ़ में HIV का बढ़ता खतरा: चपेट में आए बुजुर्ग और बच्चे

जन एक्सप्रेस/उत्तराखंड: पिथौरागढ़ जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों में भी एचआईवी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला क्षय रोग विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 530 लोग एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं। इनमें 60 से 75 वर्ष आयु वर्ग के 35 बुजुर्ग भी शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 32 पुरुष और 3 महिलाएं हैं, और ज्यादातर मामलों में संक्रमण का कारण असुरक्षित शारीरिक संबंध है।

आम तौर पर एचआईवी संक्रमण को युवाओं से जोड़ा जाता है, लेकिन सीमांत जिले पिथौरागढ़ में अब बुजुर्ग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। यह तथ्य साफ करता है कि उम्र चाहे कोई भी हो, असुरक्षित व्यवहार से संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है।

बच्चों में भी HIV संक्रमण

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में 14 बच्चे भी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनकी उम्र 4 से 12 साल के बीच है। जांच में पता चला कि इन बच्चों को संक्रमण उनके माता-पिता से मिला है। विभाग के अनुसार, 478 मरीज शारीरिक संबंध बनाने से संक्रमित हुए, जबकि 38 मरीज अन्य कारणों से एचआईवी की जकड़ में आए।

किन लक्षणों पर कराएं जांच?

चिकित्सकों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को फेफड़ों में बार-बार संक्रमण हो, लगातार खांसी-बुखार बना रहे, सांस लेने में तकलीफ हो, अचानक वजन कम हो रहा हो, अत्यधिक पसीना आए, मुंह या शरीर पर छाले हों, बार-बार उल्टी-दस्त हों, सिरदर्द या निमोनिया की समस्या बनी रहे – तो तत्काल एचआईवी की जांच करानी चाहिए।

विभाग की अपील

क्षय रोग विभाग लगातार जांच अभियान चला रहा है। प्रभारी डॉ. ललित भट्ट ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लक्षण को हल्के में न लें। समय रहते जांच कराने और इलाज शुरू करने से मरीज की जीवन-गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। एचआईवी से बचाव के लिए सुरक्षित शारीरिक संबंध, जागरूकता और समय पर जांच सबसे जरूरी है। समाज को भी चाहिए कि वह संक्रमित लोगों के साथ भेदभाव न करे, बल्कि उन्हें इलाज और मानसिक सहयोग देने में मददगार बने।

 

 

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