उत्तर प्रदेशउरई -जालौन

नदी के बहती धारा से हैवी पोकलैंड मशीनों से अंधाधुंध खनन, विभाग मौन

चिरपुरा खंड संचालक ने नदी के तल को सपाट कर, किए बड़े-बड़े गड्ढे

जन एक्सप्रेस/उरई। योगी सरकार जा हंटर प्रत्येक विभाग में चल रहा है लेकिन मुख्यमंत्री के विभाग में जालौन में मौरंग माफिया अवैध खनन करने से वाज नहीं आ रह है, बात करते है कालपी तहसील के चिरपुरा मौरंग खंड संख्या 2 की जहां ठेकेदार ने कुछ किराए के ठेकेदारों को खंड चलाने की जिम्मेदारी सौंप दी है।वेतवा नदी बुंदेलखंड की जीवनदायिनी कही जाती है। भोपाल से झांसी तक इसके रूप बेहद सुहावना दिखता है लेकिन झांसी से हमीरपुर तक इसका स्वरूप परिवर्तित होने लगता है जालौन के कालपी तहसील के कदौरा क्षेत्र में पढ़ने वाले चिरपुरा मौरंग खंड संख्या 2 में नदी नाम की कोई चीज दिखती ही नहीं यहां नदी के तल को सपाट कर दिया गया है बड़े बड़े गड्ढे के साथ पूरे तल में कच्चे पुल का संजाल बिछा हुआ दिखाई दे रहा है। नदी के बहती धारा से हैवी पोकलैंड मशीनों से अंधाधुंध खनन करते माफियाओं की टोली दिखाई देती है। यहीं माफियाओं द्वारा विभाग के द्वारा जारी एमएम 11 जो ऑनलाइन जारी की जाती है इसमें भी चतुराई दिखाई जा रही है। एक एमएम 11 पर 18 घन मीटर मौरंग की लदान की जा सकती है, लेकिन माफियाओं द्वारा 40 से 45 घन मीटर मौरंग की लदान की जा रही है। इसी खंड से माफिया द्वारा लोकेशन का खेल भी खेला जा रहा है। इसने अपने गुर्गों को मैदान ने उतारकर कालपी तहसील के सभी खंडों से निकलने वाले ओवरलोड ट्रकों को जिले की सीमा से पास कराने का जिम्मा लिया है जो खनिज विभाग और एआरटीओ से सांठगांठ कर ट्रकों को निकालने का कार्य बेहद चालाकी से कर रहा है। आपको बता दूं यह कार्य काफी दबंगई से अवैध ठेकेदारों द्वारा हो रहा है। वेतवा नदी में अवैध खनन की सीबीआई जांच चल रही है जिसमें जिले के दो ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई थी बाद में क्या हुआ इसकी जानकारी किसी को नहीं हो सकी यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर की गई थी। सरकार की मंशा क्या है जिले स्तर से क्या रिपोर्ट शासन की भेजी जाती है यह समझ के परे है हालांकि तीन दिन पूर्व जब खनिज अधिकारी शनि कौशल से इस संबंध मे बात की थी तो उन्होंने कहा था कि उक्त खंड की शिकायत प्राप्त हुई है जल्द कार्रवाई की जाएगी लेकिन आज तक क्या हुआ किसी को इसकी जानकारी नहीं। जिला खनिज अधिकारी शनि कौशल से इस संबंध में बात करनी चाही तो उन्होंने अपने सीयूजी नम्बर को नहीं उठाया इसलिए बात नहीं हो सकी ।

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