बच्चे के स्कूल पहुंचकर मुकदमे की जानकारी देने का आरोप, महिला ने पुलिस पर सामाजिक क्षति पहुंचाने का लगाया आरोप

जन एक्सप्रेस/ जौनपुर: जौनपुर बरसठी थाना क्षेत्र के बरसठी गांव में चल रहे जमीनी विवाद से जुड़ा मामला अब और गंभीर होता नजर आ रहा है। आरोप है कि पुराने वीडियो के आधार पर दर्ज किए गए मुकदमे का प्रचार पुलिस द्वारा बच्चे के स्कूल तक पहुंचकर किया गया, जिससे नाबालिग बच्चे और उसके माता-पिता की सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है।
पीड़िता संगीता मिश्रा ने थाना बरसठी में तैनात दरोगा राजकुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने अपने पक्ष में प्रमाण स्वरूप पेन ड्राइव और वीडियो पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। इसके बावजूद पुलिस द्वारा न तो परिवार से आधार कार्ड जैसे आवश्यक पहचान पत्र लिए गए और न ही अन्य साक्ष्यों की विधिवत जांच की गई। आरोप है कि बिना समुचित सत्यापन के ही बच्चे के स्कूल जाकर मुकदमे की जानकारी अध्यापकों को दी गई, जिससे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
संगीता मिश्रा का यह भी आरोप है कि उनका मुकदमा 26 नवंबर को दर्ज किया गया, जबकि विपक्षी पक्ष की घटना 18 नवंबर की बताकर उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता का कहना है कि उनके पास पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी ठोस प्रमाण मौजूद हैं, इसके बावजूद पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई की जा रही है।
परिजनों के अनुसार पुलिस की इस कथित कार्रवाई से बच्चे की मानसिक स्थिति प्रभावित हुई है और उसकी पढ़ाई पर भी असर पड़ा है। मामले को लेकर संगीता मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक जौनपुर को प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच कराने और कथित रूप से गुमराह कर मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति तथा संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






