उत्तर प्रदेशपीलीभीत

देवहा नदी में गौवंश के अवशेष मिलने से मचा हड़कंप

पीलीभीत-बरेली सीमा पर सात बोरे बरामद, हिंदू संगठनों ने जताया विरोध, पुलिस जांच में जुटी

जन एक्सप्रेस पीलीभीत। बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव गाजीपुर कुंडा के पास देवहा नदी में रविवार को कई प्लास्टिक के बोरों में भरे पशुओं के सिर और अवशेष मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे और घटना पर कड़ा विरोध जताया। मामला दो जिलों—पीलीभीत और बरेली—की सीमा से जुड़ा होने के कारण दोनों जिलों की पुलिस मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से जांच-पड़ताल में जुट गई।

दोनों जिलों की पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई

देवहा नदी का यह तटीय इलाका बरखेड़ा थाना क्षेत्र (पीलीभीत) और क्योलड़िया थाना क्षेत्र (बरेली) की सीमा पर स्थित है। रविवार की शाम करीब पांच बजे कुछ ग्रामीणों ने नदी के पानी में छह से अधिक बोरे उतराते देखे। जब लोगों ने उन बोरों को किनारे लाकर देखा तो उनमें पशुओं के सिर और अवशेष नजर आए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस और हिंदू संगठनों को दी गई।बजरंग दल के जिला संयोजक परविंदर सिंह ने बताया कि नदी के दोनों ओर मिले कट्टों में गोवंश के सिर और अन्य अवशेष पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि लगातार इस क्षेत्र में गौ-तस्करी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।सूचना मिलते ही बरखेड़ा थाना प्रभारी प्रमेंद्र कुमार, एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडे और क्योलड़िया थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। दोनों जिलों की पुलिस टीमों ने सीमा क्षेत्र में जांच शुरू कर दी और देर शाम तक सघन पड़ताल जारी रखी।

अवशेषों का सैंपल जांच हेतु भेजा गया

घटना की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ बरखेड़ा वेदप्रकाश और राजकीय पशु चिकित्सक डॉ. हरपाल भी घटनास्थल पर पहुंचे। पशुओं के अवशेषों की प्रारंभिक जांच कर सैंपल एकत्रित किया गया है, जिसे प्रयोगशाला भेजा जाएगा। बरखेड़ा थाना क्षेत्र में चार बोरे और क्योलड़िया क्षेत्र में तीन बोरे अवशेषों से भरे मिले हैं। पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से इन्हें मौके पर ही दफना दिया।एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडे ने बताया कि बरखेड़ा और क्योलड़िया थाना क्षेत्रों में कुल सात बोरे मिले हैं। अवशेषों के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान के लिए आसपास के इलाकों और मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के दिए संकेत

बरखेड़ा थाना प्रभारी प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि अवशेषों की जांच की जा रही है और मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस बरखेड़ा-नवाबगंज मार्ग और नदी के आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बोरे नदी में फेंकने वाले कौन थे और वे किस दिशा से आए थे।हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने घटना पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और सीमा क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

गांवों में तनाव, बढ़ाई गई पुलिस चौकसी

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। सीमा क्षेत्र में देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी डटे रहे। स्थानीय लोगों से पूछताछ के साथ ही नदी किनारे के इलाकों में सघन तलाशी अभियान भी चलाया गया।एसडीएम नागेंद्र पांडे ने कहा, “मामले की गहन जांच की जा रही है। पशु चिकित्सक की टीम द्वारा सैंपल लिया गया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”इस घटना ने एक बार फिर गौ-तस्करी और धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय प्रशासन की सतर्कता को परखने की चुनौती खड़ी कर दी है।

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