उत्तर प्रदेश
चुनाव मे हर बार झूँंठ बोलकर काट ले गए वोटों की फसल,फिर बोल रहे झूंठ
विद्युत उपकेंद्र बनाने का झूठा वादा कर पाठावासियों के साथ किया गया छल

डबल इंजन की सरकार मे भी नहीं पूरा हो पाया सपना
रिपोर्ट – सचिन वंदन
चित्रकूट। जन एक्सप्रेस
चुनाव मे नेताओं ने हर बार झूंठ बोलकर पाठावासियों को ठगा है। लेकिन जनता इस बार जवाब देने को तैयार खड़ी है। जैसे-जैसे चुनावी सरगर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे तमाम राजनीतिक दलों में आपसी होड़ बढ़ती जा रही है। ये होड़ है वास्तविकता से दूर झूठे वादे करने की। फिर से झूँठे वादों की बरसात शुरु कर दी गई है। दशकों पुरानी समस्याओं को नेता चुनावी मुद्दा बनाकर हर बार चुनाव जीतते रहे हैं। फिर उन्ही पुराने मुद्दों को लेकर नेता मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं। राजनीतिक दलों के वादे और उनके काम के बीच फ़ासला लगातार बढ़ रहा है, इससे आम लोगों में निराशा बढ़ रही है। राजनीतिक दलों की विश्वसनीयता अपने निचले पायदान पर पहुंच चुकी है। जनता का विश्वास तेजी से घट रहा है।
मानिकपुर तहसील के मारकुंडी मे
लंबे अर्से से विद्युत उप केन्द्र स्थापना की मांग चल रही है। चुनावी मौसम मे नेता हर बार झूँठा वादाकर वोटों की फसल काटने मे कामयाब हो जाते हैं। फिर उसी जुगत मे लग गए हैं। जनता नेताओं के झूँठे वादों पर विश्वास कर दशकों से धोखा खा रही है। सत्ता प्राप्ति के लिए हर बार झूँठ, छल, कपट, धोखा देकर जनता को ठगा जाता है। मारकुंडी मे विद्युत सब स्टेशन को चुनावी मुद्दा बनाकर फिर से जनता को झूँठा विश्वास दिलाया जा रहा है। लेकिन क्षेत्र की जनता इस बार नेताओं की बातों पर बिल्कुल भी विश्वास करने को तैयार नहीं है, क्योंकि दशकों से जनता को छला जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों की उदासीनता रहा सबसे बड़ा कारण
पठा क्षेत्र के शिवम कहते हैं की,
विद्युत उपकेन्द्र स्थापना को लेकर पहल नहीं होने से यह योजना वादों तक ही सिमटकर रह गई है। दशकों पहले उपकेन्द्र स्थापना के लिए मारकुंडी मे भूमि का अधिग्रहण भी किया गया था, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता और उदासीनता के चलते विद्युत सब स्टेशन की स्थापना नहीं हो पाई। ग्रामीण इलाकों की उपभोक्ताओं को आज भी बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। इस कार्य मे विफलता का सबसे बड़ा कारण जनप्रतिनिधों की उदासीना है।
उपकेन्द्र बनने से बिजली संकट से मिलेगी निजात
मानिकपुर पावर हाउस के अधिकांश फीडरों के लाईनों की दूरी अधिक होने से आएदिन बिजली की समस्या बनी रहती है। बरसात मे तो ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था राम भरोसे ही रहती है। मारकुंडी मे विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना होने से जहां पावर हाउस मानिकपुर का भार कम होगा वहीं क्षेत्र के लोगों को विद्युत संकट से निजात भी मिल सकेगी। बातचीत में नत्थू कहते हैं विद्युत उपकेन्द्र बनने से ग्रामीण इलाकों की विद्युत व्यवस्था सुदृढ होने के साथ ही उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। लेकिन इस दिशा मे किसी भी जिम्मेदार का ध्यान नहीं जा रहा है। अगर उपकेन्द्र के स्थापना की दिशा मे प्रभावी कदम उठाया जाता तो आज तक क्षेत्र के लोगों को बिजली समस्या से निजात मिल गई होती। लेकिन जिम्मेदार इस दिशा मे ध्यान देना बिल्कुल भी मुनासिब नहीं समझ रहे हैं।
दशकों पहले शुरू हुई कवायद,आज तक नहीं हो पाई पूरी
मारकुंडी मे विद्युत उपकेन्द्र बनाने की कवायद दशकों पहले शुरू हुई थी,लेकिन डबल इंजन की सरकार मे भी यह सपना पूरा नहीं हो पाया।विद्युत विभाग ने विद्युत सब स्टेशन बनाने के लिए स्थान का चयन भी कर लिया था लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यह योजना कागजों तक ही सीमित रह गई। इस लंबे अंतराल मे तमाम जनप्रतिनिधियों पर जनता ने भरोसा कर विधानसभा से लेकर लोकसभा तक पहुंचाया लेकिन जनप्रतिनिधियों ने जनता का दिल नहीं जीत पाए। यहां तक कि जनता को एक अदद विद्युत उपकेन्द्र तक नहीं मिला सका। एसे व्यौहार से यही प्रतीत होता है, कि सांसद, विधायक को जनता की समस्याओं से कोई लेनादेना नहीं है।
चुनाव मे हर बार नेता देते लालच
नेता हर चुनाव मे मारकुंडी मे विद्युत उपकेन्द्र के स्थापित करने का वादा कर कसम खाते हैं। हर बार जनता को लालच देकर वोट बटोर ले जाते हैं। बड़ी-बड़ी जनसभाओं मे सरकार की उपलब्धियों के रूप मे मारकुंडी मे विद्युत उपकेन्द्र के स्थापना करने का भी जिक्र कर चुके हैं। लेकिन विद्युत केन्द्र की स्थापना आज तक नहीं हो पाई। उपकेन्द्र सिर्फ बड़े-बड़े वादों और दावों मे ही स्थापित हो रहा है,नाकि हकीकत मे। ऐसे मे जनप्रतिनिधियों से लोगों का विश्वास उठ चुका है।
चुनाव जीतने के बाद विकास तो दूर की बात है, नेता हमारे तरफ झांकते भी नहीं हैं। हमारे क्षेत्र में बिजली की भारी समस्या है। विद्युत सब स्टेशन दशकों पहले से प्रस्तावित है, लेकिन नेताओं द्वारा जानबूझकर नहीं बनवाया जा रहा है। जिससे हर बार इसे मुद्दा और जनता को बेवकूफ बनाकर स्वार्थ सिद्ध किया जा सके। लेकिन जनता इस बार करारा जवाब देने को तैयार है। गौरी द्विवेदी
मारकुंडी मे विद्युत उपकेन्द्र बनाने के लिए दशकों पहले भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। लेकिन धरातल पर कुछ भी कार्य नहीं हुआ है। नेता हर बार मंचों से भाषणों मे बडी-बड़ी बातें करते हैं। लेकिन काम कुछ भी नहीं कर रहे। जिससे क्षेत्र का विकास हो सके। क्षेत्र मे बिजली की बड़ी भारी समस्या है। रिंकू गुप्ता
मारकुंडी मे विद्युत उपकेन्द्र बनने से क्षेत्रवासियों को बिजली समस्या से निजात मिल सकती है। नेता हर बार झूंठा लालच देकर वोट बटोरने मे कामयाब हो जाते हैं। लेकिन जनता की समस्याओं की तरफ किसी का भी ध्यान नहीं जा रहा है। जबकि बिजली समस्या क्षेत्र के लिए नासूर बनती जा रही है। इस बार जवाब दिया जायेगा। अजय कुमार
हमारे क्षेत्र मे बिजली की बड़ी समस्या है। नेता हर बार जनता से झूठा वादा कर दशकों से धोखा दे रहे हैं। नेताओं ने कई बार मंचों से भाषणों मे मारकुंडी विद्युत उपकेन्द्र को अपनी उपलब्धियों मे गिना चुके हैं। लेकिन कार्य कुछ भी नहीं हुआ है। यह बेहद शर्मनाक है। सुखेंद्र मिश्रा






