भाषा और गणित पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता- संजय शुक्ल
भाषा-गणित पर विशेष फोकस, समग्र शिक्षा की समीक्षा बैठक सम्पन्न

जन एक्सप्रेस /बस्ती: शनिवार को डायट सभागार में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में समग्र शिक्षा के विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा हुई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए भाषा और गणित पर विशेष फोकस करना आवश्यक है। साथ ही विद्यालयों में नियमित आकलन, सुपरविजन और निपुण लक्ष्य ऐप के प्रयोग को अनिवार्य बताया गया।
प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि भाषा और गणित बच्चों की सीखने की नींव हैं। ये कौशल न केवल संज्ञानात्मक विकास को गति देते हैं बल्कि तार्किक सोच और समस्या-समाधान की क्षमता को भी मजबूत बनाते हैं। उन्होंने बीईओ, एसआरजी और एआरपी को एक माह के भीतर शत-प्रतिशत बच्चों का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बीएसए अनूप कुमार तिवारी ने कहा कि सभी विद्यालयों में सुपरविजन एवं निरीक्षण पंजिका रखी जाए। हर शिक्षक व शिक्षामित्र के मोबाइल में निपुण लक्ष्य ऐप इंस्टॉल हो और नियमित रूप से बच्चों का मूल्यांकन किया जाए।
नोडल प्रवक्ता अलीउद्दीन और इमरान ने गणित ओलंपियाड, निपुण ब्लॉक और अन्य गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने अगस्त माह में डायट मेंटर, एसआरजी और एआरपी द्वारा किए गए कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में सपोर्टिव सुपरविजन, स्पॉट असेसमेंट, शिक्षक संवाद, समय-सारिणी, पाठ्यक्रम, संदर्शिका, शिक्षक डायरी, प्रिंटरिच सामग्री, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान, मासिक शिक्षक संकुल बैठक और आगामी माह की अकादमिक योजना पर भी विचार-विमर्श हुआ।
एसआरजी आशीष श्रीवास्तव और अंगद पाण्डेय ने एआरपी के कार्यों में आ रही कठिनाइयों पर समाधान सुझाए और विद्यालयों को तय समय में निपुण बनाने के उपाय साझा किए।
बैठक में विभिन्न ब्लॉकों के बीईओ और एआरपी ने सितंबर माह की कार्ययोजना प्रस्तुत की और विद्यालयों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर बनाने के सुझाव दिए।
इस अवसर पर बीईओ विजय आनंद, ममता सिंह, विनोद त्रिपाठी, प्रभात श्रीवास्तव, सीपी गौड़, अरुण यादव, अशोक कुमार, ओंकारनाथ वर्मा, डीसी स्वप्निल कुमार श्रीवास्तव, एआरपी संतोष कुमार शुक्ल, काशीराम वर्मा, रवीश कुमार मिश्र, राजीव कुमार, प्रदीप गुप्ता, हरिकृष्ण उपाध्याय, बब्बन पाण्डेय, सन्तोष त्रिपाठी, आनन्द पाण्डेय, राहुल सिंह, ओम प्रकाश, रुक्मिणी मिश्रा, अंकित सिंह, शालू सिंह, गरिमा त्रिपाठी, अखण्ड सिंह, अनुराग श्रीवास्तव, शिवनंदन मिश्र, आशीष दूबे, उमाशंकर पाण्डेय, अभिनव मिश्र, रविशंकर मिश्र, अनिल यादव, करुणेश पाण्डेय, विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षण व प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।






