UP अंशकालिक अनुदेशकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, ₹17 हजार मानदेय
उत्तर प्रदेश सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, अनुदेशकों के अधिकारों को मिली संवैधानिक मान्यता

जन एक्सप्रेस/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में वर्षों से सेवाएं दे रहे करीब 25 हजार अंशकालिक अनुदेशकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनकी नौकरी खत्म नहीं होगी और ₹17 हजार मानदेय दिए जाने का रास्ता भी साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने इस मामले में राज्य सरकार की वह अपील खारिज कर दी है, जिसमें अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि निर्धारित अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी अनुदेशकों की नियुक्ति को केवल संविदात्मक नहीं माना जा सकता।
अदालत के इस फैसले से लंबे समय से अनिश्चितता में काम कर रहे अनुदेशकों को न सिर्फ रोजगार की सुरक्षा मिली है, बल्कि उनके मानदेय को लेकर चल रहा विवाद भी समाप्त हो गया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अनुदेशक कई वर्षों से शिक्षण कार्य में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकार की अपील खारिज होने के बाद अब ₹17 हजार मानदेय लागू होने की प्रक्रिया में कोई कानूनी बाधा नहीं रह गई है। इस फैसले को शिक्षा जगत में अनुदेशकों के अधिकारों की बड़ी जीत माना जा रहा है।






